Bihar Child Marriage: भागलपुर, 11 जुलाई 2026: बिहार में बालिकाओं के सशक्तिकरण और बिहार में बाल विवाह जैसी कुरीतियों को जड़ से खत्म करने के लिए कहलगांव अनुमंडल प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर अनुमंडल में ‘शक्ति संवाद’ अभियान का भव्य आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत अनुमंडल के सभी 84 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में एक साथ कार्यक्रम आयोजित हुए, जिसका उद्देश्य बालिकाओं को जागरूक, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर बनाना था।
इस पहल के माध्यम से 5,000 से अधिक छात्राओं का हीमोग्लोबिन (Hb) परीक्षण किया गया, जबकि 8,000 से अधिक छात्र-छात्राओं ने बाल विवाह के विरुद्ध शपथ ली और आयरन (IFA) की गोलियों का सेवन किया। यह स्वस्थ एवं सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





84 स्कूलों में बेटियों को मिला सशक्तिकरण का पाठ
‘शक्ति संवाद’ अभियान के तहत प्रत्येक विद्यालय में महिला पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि के रूप में छात्राओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, मासिक धर्म स्वच्छता, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा, करियर मार्गदर्शन, कौशल विकास, आर्थिक आत्मनिर्भरता और बाल विवाह उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई। यह संवाद बालिकाओं के समग्र विकास और सुरक्षा के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।
भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की उप निदेशक, आयकर, भागलपुर सुश्री सुनीता शर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता ही महिलाओं की सबसे बड़ी शक्ति है।’ उन्होंने छात्राओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, बड़े सपने देखने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की अग्रदूत बनने का आह्वान किया।
बाल विवाह उन्मूलन के लिए विशेष टीमें गठित
बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को प्रभावी ढंग से समाप्त करने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी, कहलगांव ने प्रत्येक प्रखंड में समन्वित टीमों का गठन किया है। इन टीमों का नेतृत्व प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) कर रहे हैं और इनमें बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO), प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO), प्रखंड कल्याण पदाधिकारी (BWO), महिला पर्यवेक्षिकाएँ, बाल संरक्षण पदाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हैं। सभी टीमों को मानक कार्य प्रणाली (SOP) उपलब्ध कराई गई है।
इसके अतिरिक्त, प्रत्येक विद्यालय में बाल विवाह निषेध शिक्षक और सहायक शिक्षक नामित किए जा रहे हैं। ये शिक्षक विद्यार्थियों के बीच जागरूकता फैलाने के साथ-साथ बाल विवाह के संदिग्ध मामलों की सूचना प्रशासन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विद्यालय और पंचायत स्तर पर भी विशेष टीमों का गठन किया गया है।
‘जन-आंदोलन’ बना शक्ति संवाद अभियान
अनुमंडल पदाधिकारी, कहलगांव ने ‘शक्ति संवाद’ अभियान को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ‘बेटियों के सुरक्षित, शिक्षित और सम्मानजनक भविष्य के निर्माण का जन-आंदोलन’ बताया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं और उपस्थित नागरिकों ने बाल विवाह के विरुद्ध शपथ ली और अपने परिवार, समाज तथा पंचायत में इस कुरीति को रोकने का संकल्प दोहराया। छात्राओं ने नाटक, गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भी बाल विवाह उन्मूलन और महिला सशक्तिकरण का प्रभावी संदेश दिया।
प्रशासन का उद्देश्य केवल कानून का पालन कराना नहीं, बल्कि ऐसा समाज बनाना है जहाँ हर बेटी शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर बने, साथ ही उसे अपने सपनों को साकार करने के समान अवसर मिलें। अनुमंडल प्रशासन ने समाज के सभी वर्गों से इस जन-अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की है, क्योंकि ‘जब एक बेटी सशक्त होती है, तब एक परिवार, एक समाज और एक राष्ट्र सशक्त होता है।’







