Bihar Third Rail Line: पूर्व रेलवे के मालदा डिवीजन अंतर्गत बिहार के जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर तीसरी रेल लाइन बिछाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी कड़ी में, मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निपनिकर ने बुधवार को रेलवे के उप मुख्य अभियंता (कंस्ट्रक्शन) गोपाल पाठक के साथ परियोजना क्षेत्र का ट्रॉली निरीक्षण किया। इस कदम से क्षेत्र में रेल यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि यह नई लाइन ट्रेनों के परिचालन को सुगम बनाएगी और उनकी रफ्तार भी बढ़ाएगी।
निरीक्षण के दौरान मुंगेर के डीसीएलआर रवि शंकर उरांव और जिला भू-अर्जन पदाधिकारी पंकज कुमार गुप्ता समेत कई अन्य रेलवे अधिकारी भी मौजूद रहे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए मुंगेर जिले में 60.32 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। वहीं, जमालपुर से भागलपुर तक की पूरी परियोजना के लिए कुल 155.5984 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। रेलवे बोर्ड से इस परियोजना को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) भी तैयार हो चुका है। अब जमीन के निरीक्षण और अधिग्रहण की प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
निरीक्षण का पूरा ब्योरा: जमालपुर से खड़िया पिपरा तक
तीसरी रेल लाइन परियोजना को लेकर जिलाधिकारी और रेलवे अधिकारियों की टीम ने बुधवार को जमालपुर से मुंगेर जिले के खड़िया पिपरा हॉल्ट तक ट्रॉली से निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने वर्तमान रेल लाइन के दक्षिण की ओर उपलब्ध भूमि का बारीकी से आकलन किया। जानकारी के मुताबिक, तीसरी रेल लाइन मौजूदा रेल लाइन के दक्षिण की तरफ ही बिछाई जाएगी, जिसके लिए 6.1 मीटर की दूरी निर्धारित की गई है। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित रेल लाइन के लिए जमीन की उपलब्धता और संबंधित क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना था।
अधिकारियों के ट्रॉली निरीक्षण को देखते हुए जमालपुर से सुल्तानगंज तक डाउन लाइन पर बुधवार को दोपहर 12 बजे से अपराह्न 2 बजे तक दो घंटे का रेल ब्लॉक लिया गया था। इस ब्लॉक के दौरान जिलाधिकारी और रेलवे अधिकारियों की टीम ने तीसरी रेल लाइन के लिए प्रस्तावित भूमि का गहनता से निरीक्षण किया। जमीन की स्थिति का यह आकलन परियोजना के आगे के कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्षमता बढ़ेगी, ट्रेनों की रफ्तार भी
जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर प्रतिदिन 100 से अधिक ट्रेनों का परिचालन होता है। इनमें यात्री ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियां भी शामिल हैं, जिससे इस रेलखंड पर भारी दबाव बना रहता है। तीसरी रेल लाइन के निर्माण से इस मार्ग पर ट्रेनों के परिचालन को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी और ट्रेनों की रफ्तार बढ़ने की संभावनाएं भी प्रबल होंगी।
राइट्स के अधिकारियों के अनुसार, रेलवे बोर्ड से परियोजना को स्वीकृति मिलने और डीपीआर तैयार होने के बाद अब जमीन अधिग्रहण पर कार्रवाई की जा रही है। भविष्य में इस रेलखंड पर तीसरी रेल लाइन के निर्माण के बाद चौथी रेल लाइन बिछाने की भी योजना प्रस्तावित है। तीसरी और चौथी रेल लाइन के विकसित होने से इस व्यस्त रेलखंड की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। फिलहाल, सभी का ध्यान तीसरी रेल लाइन परियोजना के तहत जमीन के निरीक्षण और अधिग्रहण की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने पर है, जिससे यात्रियों को बेहतर रेल सेवा मिल सके।







