Pappu Yadav Bihar: पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने बिहार की ज्वलंत समस्याओं को लेकर राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा, राहत-बचाव कार्यों और राघोपुर नाव हादसे के पीड़ित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा देने की पुरजोर मांग की। इस दौरान उन्होंने पुल टूटने की घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के बाद, पप्पू यादव ने शिक्षा, रोजगार और सरकारी नियुक्तियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी अपनी बात रखी। इन मुद्दों में कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) केंद्रों का बंद होना, बेल्ट्रॉन अभ्यर्थियों का लगातार जारी आंदोलन, नए डिग्री कॉलेजों में विषयों की उपलब्धता का अभाव और बिहार में डोमिसाइल नीति को सख्ती से लागू करने की मांग शामिल थी।
बाढ़ और नाव हादसे पर सरकार से मांगा जवाब
पप्पू यादव ने बाढ़ के दौरान लोगों की सुरक्षा व्यवस्था पर राज्य सरकार की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रभावित परिवारों को समय पर राहत मिलनी चाहिए और बचाव कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने संबंधित घटनाओं की गहन जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी जवाबदेही तय करने की मांग की। राघोपुर में हुए नाव हादसे का मुद्दा उनकी मांगों में सबसे प्रमुख रहा। उन्होंने हादसे से प्रभावित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा देने की मांग दोहराई और कहा कि जिन परिवारों ने अपने सदस्यों को खोया है, उन्हें उचित आर्थिक सहायता के साथ-साथ उनकी अन्य जरूरतों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
पुल टूटने की लगातार हो रही घटनाओं को लेकर भी पप्पू यादव ने तत्काल जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि इन मामलों में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। उनके ज्ञापन में बाढ़ से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही के गंभीर सवाल उठाए गए। हालांकि, इस मुलाकात के बाद राज्यपाल की ओर से किसी निर्णय या कार्रवाई की घोषणा का कोई विवरण सामने नहीं आया है।
शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर भी ध्यान
सांसद पप्पू यादव ने राज्यपाल के समक्ष शिक्षा और रोजगार से जुड़े कई अहम मुद्दे भी रखे। उन्होंने कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) केंद्रों के बंद होने का मामला उठाया, जिससे हजारों युवाओं का प्रशिक्षण और कौशल विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने इस विषय पर तत्काल ध्यान देने की मांग की। बेल्ट्रॉन अभ्यर्थियों के आंदोलन का मुद्दा भी ज्ञापन में शामिल था, जिसमें उन्होंने अभ्यर्थियों की मांगों और नियुक्ति से जुड़े सवालों को उठाया। साथ ही, नियुक्ति नियमावली में सुधार का विषय भी रखा।
नए डिग्री कॉलेजों में विषयों की उपलब्धता का मुद्दा भी उन्होंने राज्यपाल के सामने रखा। उनका कहना था कि कॉलेजों में पर्याप्त विषयों की पढ़ाई उपलब्ध न होने से छात्रों के दाखिले और उच्च शिक्षा पर सीधा असर पड़ता है। बिहार में डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग भी उनके ज्ञापन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी, ताकि राज्य के स्थानीय निवासियों को रोजगार और अन्य अवसरों में प्राथमिकता मिल सके।
चिराग पासवान, नीतीश और तेजस्वी पर भी साधा निशाना
राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का भी जिक्र किया। उन्होंने चिराग पासवान से सरकार के कामकाज पर और मुखर होकर सवाल उठाने की बात कही। साथ ही, सरकार में बने रहने के उनके फैसले पर भी सवालिया निशान लगाया। उनके बयान में राजनीतिक जवाबदेही का मुद्दा प्रमुख रहा। पप्पू यादव ने एक बार फिर राघोपुर नाव हादसे के पीड़ित परिवारों को अधिक मुआवजा देने की अपनी मांग दोहराई और बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा तथा राहत व्यवस्था को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की।







