मुख्य बातें: पारितोषिक नहीं, मानदेय की मांग को लेकर आशा की बेमियादी हड़ताल दूसरे दिन भी, ऐक्टू की आवाज,आशा की मांग पर अविलंब पहल करे सरकार,ग्रामीण क्षेत्र में चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था, बहादुरपुर पीएचसी से नहीं हो सका आरआई दवाई का उठाव, बैरंग लौटी दवाई कुरियर
बहादुरपुर, देशज टाइम्स। आशा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर आशा की बेमियादी हड़ताल का असर जिले में व्यापक रहा। हड़ताल की वजह से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है।






आज अहले सुबह से बहादुरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ (गोपगुट) के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर आरआई टीकाकरण की दवाई को उठाने नहीं दिया। इस वजह से बहादुरपुर क्षेत्रों में टीकाकरण नहीं हुआ।
वहीं, बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ (गोपगुट) के जिला संयोजक सविता कुमारी की अध्यक्षता में धरनास्थल पर सभा किया गया। सभा को संबोधित करते हुए ऐक्टू के जिला प्रभारी डॉ. उमेश प्रसाद साह ने कहा कि पटना-दिल्ली सरकार की जनविरोधी नीतियों के चलते आज न्यूनतम मजदूरी भी नही मिल रहा है।
सरकार मांगों पर अविलंब विचार करें। नहीं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सभा को विजयलक्ष्मी देवी, अमीषा कुमारी, बेवी देवी, मनीषा कुमारी, चंद्ररेखा देवी, सुमन देवी, रिंकी ठाकुर, रीता देवी, निशा देवी, अन्नू देवी, अंजू देवी, उषा देवी, रूपा देवी, इंदु देवी, उषा कुमारी, सुंदर देवी, शिला देवी आदि ने संबोधित किया।








