दरभंगा, देशज टाइम्स। जिले में सरकारी 102 एंबुलेंस कर्मियों के हड़ताल से मरीजो की परेशानी बढ़ गई है। एंबुलेंस नहीं मिलने के ज्यादा महंगी निजी वाहनों से या ऑटो पर लादकर मरीजो डीएमसीएच लेकर लोग पहुंच रहे हैं।
जिन मरीजों को पटना रेफर किया जा रहा है। उन्हें, ज्यादा पैसे चुकाकर निजी एंबुलेंस या अन्य वाहनों से ले जाना पर रहा है। एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल के कारण लगातार व्यापक असर डीएमसीएच सहित जिले के सरकारी अस्पतालों में दिख रहा है।






डीएमसीएच के सभी दस एंबुलेंस के ठप रहने के कारण मरीजों को इमरजेंसी,ऑर्थोपेडिक विभाग ट्रांसफर करने के लिए अस्पताल प्रशासन दो निजी एंबुलेंस को किराए पर लिया है।
सबसे ज्यादा मरीज एंबुलेंस के सहारे डीएमसीएच के इमरजेंसी विभाग और गायनिक विभाग आया करते हैं। वहां आने वाले मरीज मजबूरी में निजी वाहनों या ऑटो पर लादकर मरीजों की आवाजाही कर रहे हैं।
डीएमसीएच से पटना रेफर किये जाने वाले मरीजों के एक परिजन ने बताया कि उनके मरीज को पटना रेफर कर दिया गया है। निजी एंबुलेंस वाले कोई 5500 तो कोई 6500 रुपये की मांग कर रहा है।
बेनीपुर से डीएमसीएच इमरजेंसी विभाग में रामचंद्र झा ने बताया कि वे बीमार बेटे को 1200 रुपया भाड़ा टेम्पो वाले को देकर आये हैं। उन्होंने कहा टेम्पो में मरीज को ठीक तरीके लिटाने नही बनता है और अभी 102 एम्बुलेंस हड़ताल है मजबूरी में इसपर इलाज कराने आये है।
कर्मचारी संगठन के विमलेश कुमार ने बताया कि हमलोगों वेतन कई महीनों बंद है। जिससे हमलोगों की परेशानी बढ़ गई। उन्होंने 102 एंबुलेंस संचालित करने वाली एजेंसी पर भी मनमानी का आरोप लगाया है। जबतक हमलोगों की मांगें नहीं मानी जाती है, तब तक हड़ताल जारी रहेगा।








