Darbhanga Court: बिहार में अपराध पर लगाम लगाने के लिए न्यायपालिका लगातार सख्त रुख अपना रही है। इसी कड़ी में दरभंगा में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने दो अलग-अलग गंभीर मामलों में आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इन फैसलों से यह साफ हो गया है कि जघन्य अपराधों में संलिप्त लोगों को अदालत से आसानी से राहत नहीं मिलेगी।
दरभंगा कोर्ट का बड़ा फैसला! नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपियों की जमानत रद्द, अब सीधे पटना हाई कोर्ट
Darbhanga News: दरभंगा जिला में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने गंभीर आपराधिक मामलों में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने नाबालिग लड़की के अपहरण और विवाहित महिला से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार कई अभियुक्तों की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इस फैसले से आरोपियों को निचली अदालत से कोई राहत नहीं मिली है, और अब उन्हें उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (पीपी) अमरेंद्र नारायण झा ने अदालत के इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश ने आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया है।
नाबालिग अपहरण केस में दो अभियुक्तों की जमानत खारिज
सदर थानाकांड संख्या 230/26 से जुड़े एक मामले में, छपकी पर्री गांव के गणेश कुमार शर्मा और निखिल कुमार की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है। इन दोनों अभियुक्तों पर एक नाबालिग लड़की के अपहरण का आरोप है और वे 16 अगस्त से काराधीन हैं। इसी मामले में, गणेश शर्मा की पत्नी निक्की देवी की अग्रिम जमानत याचिका भी अदालत ने रद्द कर दी है।
विवाहित महिला से दुष्कर्म के आरोपी को भी नहीं मिली राहत
पीपी अमरेंद्र नारायण झा ने बताया, ‘आरोपी के विरुद्ध प्राथमिकी में महिला से दुष्कर्म और वीडियो बनाने का गंभीर आरोप लगाई गई है।’
एक अन्य गंभीर मामले में, नदी थानाकांड संख्या 26/26 के आरोपी भूपेश शर्मा को भी अदालत से राहत नहीं मिली। ऊजुआ गांव के रहने वाले भूपेश शर्मा पर रात में घर में घुसकर चाकू का भय दिखाकर एक विवाहित महिला से दुष्कर्म करने और उसका वीडियो बनाने का आरोप है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश श्री नीरज की कोर्ट ने भूपेश शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया है।
इन सभी आरोपियों को अब जमानत पाने के लिए पटना उच्च न्यायालय की शरण में जाना होगा। अदालत का यह फैसला ऐसे गंभीर अपराधों के खिलाफ न्यायपालिका के कड़े रुख को दर्शाता है, जिससे समाज में एक मजबूत संदेश गया है।
नाबालिग अपहरण के दो आरोपी अब भी रहेंगे जेल में
पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (पीपी) अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि अदालत ने नाबालिग लड़की के अपहरण से जुड़े सदर थानाकांड संख्या 230/26 में काराधीन अभियुक्तों गणेश कुमार शर्मा और निखिल कुमार की जमानत अर्जी खारिज कर दी। ये दोनों आरोपी छपकी पर्री गांव के रहने वाले हैं और 16 अगस्त से ही जेल में बंद हैं। अदालत ने उनके अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
इसी मामले से जुड़ी एक अन्य आरोपी निक्की देवी, जो गणेश शर्मा की पत्नी हैं, उनकी अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई है। निक्की देवी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत मांगी थी, जिसे न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने अस्वीकार कर दिया।
घर में घुसकर दुष्कर्म और वीडियो बनाने के आरोपी को भी राहत नहीं
एक अन्य गंभीर मामले में, नदी थानाकांड संख्या 26/26 के आरोपी भूपेश शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका भी प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने खारिज कर दी। पीपी अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि भूपेश शर्मा पर रात में घर में घुसकर एक विवाहित महिला को चाकू का भय दिखाकर दुष्कर्म करने और उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाने का गंभीर आरोप है।
पीपी अमरेंद्र नारायण झा ने बताया, ‘आरोपी के विरुद्ध प्राथमिकी में महिला से दुष्कर्म और वीडियो बनाने का गंभीर आरोप लगाई गई है।’
अदालत ने इन आरोपों की गंभीरता को समझते हुए भूपेश शर्मा को भी अग्रिम जमानत का लाभ देने से मना कर दिया। यह फैसला दर्शाता है कि महिला सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मामलों में अदालत किसी भी तरह की ढिलाई बरतने को तैयार नहीं है।
अब पटना उच्च न्यायालय ही आखिरी सहारा
अदालत से जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद अब इन सभी आरोपियों, जिनमें गणेश कुमार शर्मा, निखिल कुमार, निक्की देवी और भूपेश शर्मा शामिल हैं, को जमानत पाने के लिए पटना उच्च न्यायालय की शरण में जाना होगा। दरभंगा कोर्ट के इन सख्त फैसलों से अपराधियों के बीच एक कड़ा संदेश गया है कि बिहार में कानून का राज स्थापित करने के लिए न्यायपालिका पूरी तरह प्रतिबद्ध है।







