Bihar Drugs Control: बिहार में नशीले पदार्थों के खिलाफ अब बड़ा अभियान शुरू हो गया है। दरभंगा जिले में ड्रग्स की आपूर्ति और इसके अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे को ‘ड्रग्स मुक्त क्षेत्र’ बनाने के सख्त निर्देश दिए हैं। जिला स्तरीय एनसीओआरडी (NCORD) समिति की बैठक में नशीले पदार्थों के हॉटस्पॉट चिह्नित कर लगातार निगरानी और छापेमारी का निर्णय लिया गया है।
ड्रग्स हॉटस्पॉट और सप्लाई चेन पर पैनी नजर
वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी ने ड्रग्स के लिए पहले से चिह्नित क्षेत्रों पर सतत निगरानी रखने का आदेश दिया। इसमें नगर थाना, विश्वविद्यालय थाना, सदर, बहेड़ा, लहेरियासराय, बहादुरपुर, कोतवाली, बिशनपुर और बिरौल थाना क्षेत्र शामिल हैं। संबंधित थानाध्यक्षों को इन इलाकों में लगातार छापेमारी करने और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है।
ड्रग्स की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए होटल, लॉज, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) किनारे स्थित होटलों और लॉज की भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को एक जिला स्तरीय रोडमैप के तहत कार्रवाई तेज करने को कहा गया है।
दवा दुकानों और वित्तीय लेनदेन की भी होगी जांच
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने सहायक औषधि नियंत्रक और सभी औषधि निरीक्षकों को दवा दुकानों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। औषधि निरीक्षकों को मद्यनिषेध विभाग और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त छापेमारी करने के आदेश भी मिले हैं।
नशीली टैबलेट, कफ सिरप सहित अन्य नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और आपूर्ति से जुड़ी खुफिया जानकारी आम लोगों और लाइसेंसधारी दवा दुकानदारों से जुटाने पर जोर दिया गया है। अधिकारियों को अपने क्षेत्र में स्वयं भ्रमण कर औचक जांच करने और प्राप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है। नशीले पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री के साथ-साथ उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच के लिए जीएसटी अधिकारियों के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार और सहायक आयुक्त मद्यनिषेध प्रदीप कुमार सहित संबंधित विभागों के कई अधिकारी उपस्थित रहे। कुछ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी जुड़े। इन फैसलों से बिहार में ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को एक नई दिशा मिलेगी, जिसका सीधा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ेगा।







