Darbhanga Sugarcane Farmers: बिहार के दरभंगा जिले में गन्ना किसानों के पंजीकरण में सर्वर की धीमी गति बड़ी बाधा बन गई है। जाले प्रखंड में चल रहे शिविरों में सैकड़ों किसान घंटों इंतजार के बाद भी अपना पंजीकरण नहीं करा पा रहे हैं, जिससे उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं। रैयाम चीनी मिल के लिए अनिवार्य यह पंजीकरण 2 अगस्त तक ही होना है, और रविवार को भी यह कार्य जारी रहेगा।
प्रखंड कृषि पदाधिकारी (BAO) प्रेमनाथ सिंह ने बताया कि शनिवार तक विभिन्न पंचायतों में लगभग 1200 किसानों का पंजीकरण हो चुका है। हालांकि, जिला प्रशासन के निर्देश पर 2 अगस्त को रविवार होने के बावजूद सभी पंचायत सरकार भवनों में पंजीकरण शिविर लगाए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक किसान इस सुविधा का लाभ उठा सकें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पंजीकृत किसानों से ही भविष्य में रैयाम चीनी मिल गन्ने की खरीद करेगी।






जाले के रतनपुर पंचायत सरकार भवन में किसान सलाहकार सजर अली की देखरेख में लगभग 60 किसानों का पंजीकरण किया गया। वहीं, ढ़ढ़िया-बेलवारा पंचायत के बेलवारा स्थित राम-जानकी मंदिर सह पैक्स कार्यालय में किसान सलाहकार हरिशंकर कुमार दास ने 100 किसानों का पंजीकरण पूरा कराया है। पंजीकरण केंद्रों पर किसानों की भारी भीड़ देखी जा रही है, लेकिन सर्वर की समस्या के कारण कई लोग निराश होकर लौट रहे हैं।
पैक्स अध्यक्ष धीरेन्द्र कुमार ने बताया कि सर्वर की धीमी गति से पंजीकरण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
कई इच्छुक किसानों को बिना पंजीकरण कराए ही वापस लौटना पड़ा। किसान नरेन्द्र कुमार सिंह, चन्द्र किशोर सिंह, दीप कुमार सिंह, रंजीत यादव, अनिल कुमार राय, अरुण सिंह, राधा देवी, मंजुला देवी, उमाशंकर सिंह और पूर्व मुखिया शत्रुघ्न यादव ने अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा, ‘अगर सर्वर सामान्य चलता तो एक सौ से अधिक किसानों का पंजीकरण हो सकता था। सर्वर की समस्या के कारण कई इच्छुक किसानों को बिना पंजीकरण कराए ही वापस लौटना पड़ा।’
रैयाम चीनी मिल ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में केवल पंजीकृत किसानों से ही गन्ने की खरीद की जाएगी। ऐसे में सर्वर की धीमी गति गन्ना उत्पादकों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। उम्मीद है कि प्रशासन इस तकनीकी बाधा को जल्द दूर करेगा ताकि सभी दरभंगा के गन्ना किसान समय पर अपना पंजीकरण करा सकें और अपनी फसल बेच पाएं।








