Bihar Excise Act: बिहार में शराबबंदी कानून का उल्लंघन लगातार जारी है, लेकिन ऐसे मामलों पर अदालतें भी सख्ती से पेश आ रही हैं। इसी कड़ी में दरभंगा न्याय मंडल के द्वितीय विशेष न्यायाधीश रंजन कुमार मिश्रा की अदालत ने महज एक महीने के भीतर 140 आरोपियों को सजा सुनाई है। यह कार्रवाई बिहार उत्पाद एवं मद्द निषेध कानून के तहत की गई है, जो राज्य में शराबबंदी को प्रभावी बनाने के लिए लागू है।
उत्पाद अधिनियम के स्पेशल एपीपी हेमंत कुमार ने बताया कि पहली जुलाई से 31 जुलाई 2026 के बीच, जिला पुलिस और उत्पाद पुलिस ने कुल 140 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। इन सभी को अदालत ने अर्थदंड की सजा दी है।






शराबबंदी तोड़ने पर 2.40 लाख का जुर्माना
अदालत ने शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वाले 140 आरोपियों से कुल 2,40,000 रुपये का अर्थदंड वसूला है। यह राशि राज्य कोष में जमा कराई गई। जिन आरोपियों ने पहली बार अपराध किया था और जुर्माना जमा करा दिया, उन्हें कोर्ट ने मुक्त कर दिया। यह दिखाता है कि बिहार में कानून तोड़ने पर तत्काल कार्रवाई हो रही है।
उत्पाद अधिनियम के स्पेशल एपीपी हेमंत कुमार ने बताया, ‘जिला पुलिस और उत्पाद पुलिस ने पहली जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक 140 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। जिसे कोर्ट ने अर्थदंड स्वरूप 2,40,000 रुपये राज्य कोष में जमा कराने के बाद प्रथम अपराध की बाबत मुक्त कर दिया।’
जुर्माना न भरने पर हुई जेल
इस बीच, दो ऐसे आरोपी भी थे जिन्होंने अदालत द्वारा लगाया गया अर्थदंड जमा नहीं किया। इस स्थिति में, कोर्ट ने उन दोनों आरोपियों को एक-एक माह की कैद की सजा सुनाई। यह फैसला उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो जुर्माना भरने में आनाकानी करते हैं।
शराब तस्करी के मामलों पर त्वरित सुनवाई जारी
अदालत में शराब तस्करी से जुड़े अन्य मामलों में भी तेजी से सुनवाई चल रही है। उत्पाद अधिनियम के तहत संस्थित ऐसे मामलों में अभियुक्तों के विरुद्ध त्वरित विचारण और न्याय निर्णय की प्रक्रिया जारी है। यह दर्शाता है कि प्रशासन और न्यायपालिका दोनों ही बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कटिबद्ध हैं।








