Bihar Congress: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों के बाद बिहार कांग्रेस के भीतर बयानबाजी का दौर गरमा गया है। कांग्रेस सांसद अखिलेश सिंह ने शनिवार को अपनी पार्टी के नेता असित नाथ तिवारी के हालिया बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे बयानों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह पार्टी की आधिकारिक राय नहीं है।
असित नाथ तिवारी के बयान से गरमाई सियासत
दरअसल, कुछ दिनों पहले कांग्रेस नेता असित नाथ तिवारी ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के संदर्भ में बयान दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि चुनाव के दौरान महागठबंधन के सहयोगी दलों के बीच अपेक्षित समन्वय देखने को नहीं मिला। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी थी। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से भी इस पर प्रतिक्रिया सामने आई थी, जिसके बाद यह मामला और अधिक सुर्खियों में आ गया।






अखिलेश सिंह ने बताया व्यक्तिगत बयान, कांग्रेस का रुख स्पष्ट
कांग्रेस सांसद अखिलेश सिंह ने असित नाथ तिवारी के बयान पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि तिवारी हाल ही में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि असित नाथ तिवारी के व्यक्तिगत विचारों को कांग्रेस की आधिकारिक नीति या पार्टी का रुख नहीं समझा जाना चाहिए। अखिलेश सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कांग्रेस का स्टैंड बिल्कुल स्पष्ट है और महागठबंधन के सहयोगी दलों के साथ पार्टी का तालमेल बना हुआ है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी के अधिकृत मंच पर लिए गए निर्णय ही कांग्रेस की आधिकारिक लाइन होते हैं।
केंद्र पर साधा निशाना, सिवान गोलीकांड पर जांच टीम
इस दौरान अखिलेश सिंह ने केंद्र सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने हाल ही में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री से माफी मांगने की मांग की। सिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों की आवाज सुनना सरकार की जिम्मेदारी है। इसके अतिरिक्त, सांसद ने जानकारी दी कि सिवान गोलीकांड की जांच के लिए कांग्रेस की एक टीम मौके पर पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि पार्टी अपने स्तर पर पूरे मामले की जानकारी जुटाएगी और तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर आगे की रणनीति तय करेगी।
अखिलेश सिंह के इस बयान के बाद बिहार कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान की चर्चा और तेज हो गई है। आगामी दिनों में इस बयानबाजी का महागठबंधन और कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर क्या असर पड़ेगा, यह देखना दिलचस्प होगा। पार्टी के नेता अब इस मामले पर खुलकर अपनी राय रख रहे हैं, जिससे आने वाले समय में कुछ और बड़े घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।








