Bihar Sanskrit University: कामेश्वर-सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय ने उपशास्त्री प्रथम वर्ष (सत्र 2026-28) में प्रवेश के लिए पहली चयन सूची जारी कर दी है। समर्थ पोर्टल के माध्यम से शनिवार को यह सूची प्रकाशित की गई, जिसके साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। दरभंगा स्थित इस विश्वविद्यालय के सभी अंगीभूत और संबद्ध शास्त्री एवं उपशास्त्री महाविद्यालयों में छात्र 20 से 26 जुलाई तक अपना नामांकन करा सकेंगे।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पाण्डेय ने अधिकारियों की मौजूदगी में समर्थ पोर्टल पर यह मेधा सूची जारी की। उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों से कहा कि तकनीकी क्षेत्र में संस्कृत शिक्षा का यह प्रवेश शुरुआती दौर में कुछ चुनौतियाँ लाएगा, लेकिन निरंतर अभ्यास से सभी कार्य आसान हो जाएंगे। कुलपति प्रो. पाण्डेय ने निर्धारित समय सीमा के भीतर सहयोगपूर्ण रवैया अपनाते हुए नामांकन प्रक्रिया पूरी करने का आह्वान भी किया।






उपशास्त्री में नामांकन की पूरी प्रक्रिया और शुल्क
विशेष कार्य पदाधिकारी (शैक्षणिक) डॉ. रामसेवक झा ने बताया कि सभी संबंधित महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों को नामांकन से जुड़े आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उपशास्त्री कक्षा में नामांकन के लिए 20 से 26 जुलाई की तिथि तय की गई है। पहली चरण की नामांकन प्रक्रिया खत्म होते ही नए सत्र की कक्षाएं तत्काल शुरू हो जाएंगी।

छात्रकल्याण अध्यक्ष (डीएसडब्ल्यू) प्रो. पुरेन्द्र वारिक ने जानकारी दी कि उपशास्त्री प्रथम वर्ष में नामांकन के इच्छुक अभ्यर्थी अपने यूजर आईडी और पासवर्ड का उपयोग कर समर्थ पोर्टल पर लॉग-इन करके ‘एडमिशन ऑफर लेटर’ डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बाद, उन्हें आवंटित महाविद्यालय में जाकर प्रवेश सेल या नामांकन समिति के समक्ष ऑनलाइन आवेदन में दिए गए तथ्यों का मिलान करवाना होगा। सत्यापन के बाद, अभ्यर्थी अपनी आईडी से ऑनलाइन नामांकन शुल्क जमा कर सकेंगे।
डीएसडब्ल्यू प्रो. वारिक ने बताया, ‘उपशास्त्री प्रथम वर्ष में नामांकन के लिए 165 रुपए का शुल्क पहले से निर्धारित है, जिसे छात्र अभिलेख सत्यापन के बाद पेमेंट गेटवे के माध्यम से भुगतान करेंगे।’
विश्वविद्यालय ने सभी प्रधानाचार्यों को सख्त निर्देश दिया है कि वे अपने स्तर पर कोई अलग नामांकन फॉर्म न बांटें। नामांकन की पूरी प्रक्रिया समर्थ पोर्टल के जरिए केंद्रीकृत रूप से ही संचालित होगी।
नामांकन के लिए आवश्यक दस्तावेज और आरक्षण नियम
पीआरओ डॉ. निशिकांत ने बताया कि नामांकन के समय अभ्यर्थियों को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इनमें शामिल हैं:
- एडमिशन ऑफर लेटर
- ऑनलाइन आवेदन पत्र
- विद्यालय/महाविद्यालय परित्याग प्रमाण पत्र (मूल)
- मध्यमा/मैट्रिक के प्रवेश पत्र एवं अंक पत्र (स्व-प्रमाणित)
- दो पासपोर्ट साइज फोटो
- जाति/आय प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- आधार कार्ड (स्व-प्रमाणित)
- प्रवजन (माइग्रेशन) प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
पीआरओ ने यह भी स्पष्ट किया कि आरक्षण कोटि या लिंग संबंधी जानकारी में कोई भी बदलाव कॉलेज या विश्वविद्यालय स्तर पर नहीं किया जाएगा। आरक्षण का लाभ प्रमाण पत्रों की जांच के बाद ही मिलेगा। सभी महाविद्यालयों को 27 जुलाई, 2026 तक नामांकित छात्र-छात्राओं की जानकारी समर्थ पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट करने का निर्देश दिया गया है। जो विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं होगा, उनका नामांकन स्वतः अमान्य मान लिया जाएगा।
प्रेरण वर्ग और उपस्थिति अनिवार्यता
नामांकित अभ्यर्थियों के लिए विश्वविद्यालय प्रेरण वर्ग (इंडक्शन प्रोग्राम) आयोजित करेगा। इसके अतिरिक्त, परीक्षा विनियमों के अनुसार सभी छात्र-छात्राओं के लिए 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य होगी। मेधा सूची प्रकाशन के अवसर पर कुलसचिव डॉ. दिनेश झा, डीएसडब्ल्यू प्रो. पुरेंद्र वारिक, शोध प्रभारी प्रो. दिलीप कुमार झा, वित्त पदाधिकारी डॉ. पवन कुमार झा, विधि पदाधिकारी डॉ. नवीन कुमार झा, समर्थ नोडल पदाधिकारी डॉ० नरोत्तम मिश्र, ओएसडी शैक्षणिक डॉ० रामसेवक झा, डॉ० छबिलाल न्यौपाने, डा. गोपाल कुमार झा, प्रशाखा पदाधिकारी कुंदन भारद्वाज, टीएसए डी पुष्पेंद्र, गोपाल उपाध्याय, सुशील कुमार झा और सिद्धेश कुमार झा सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।









