LNMU News: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (दरभंगा) की सिंडिकेट ने एक महत्वपूर्ण बैठक में कई बड़े फैसले लिए हैं। कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में छात्राओं की सुरक्षा और घनी आबादी वाले क्षेत्र में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के सबस्टेशन निर्माण पर गंभीर आपत्ति दर्ज की गई है। विश्वविद्यालय ने इस मामले पर कुलाधिपति से पुनर्विचार करने का आग्रह करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, 175 नवनियुक्त शिक्षकों के रुके हुए वेतन को तत्काल जारी करने का आदेश भी दिया गया है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है।
BPCL सबस्टेशन पर सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता
कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी के आवासीय कार्यालय में देर शाम आयोजित इस हाइब्रिड बैठक में कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी, कुलसचिव डॉ दिव्या रानी हंसदा सहित कई वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। बैठक का सबसे अहम फैसला भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) द्वारा कादिराबाद में होमगार्ड ऑफिस के पास DRS सबस्टेशन के निर्माण से संबंधित था। बिहार लोक भवन, पटना ने इस परियोजना को स्वीकृति दे दी थी। हालांकि, सिंडिकेट ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि घनी आबादी वाले क्षेत्र और डब्ल्यूआईटी (WIT) छात्राओं के लिए प्रस्तावित छात्रावास के बिलकुल पास ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण भविष्य के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।






सिंडिकेट ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि घनी जन आबादी के बीच तथा डब्ल्यूआईटी की छात्राओं के लिए प्रस्तावित छात्रावास के पास ज्वलनशील पदार्थों के संग्रह से होने वाले भविष्य के ख़तरों को देखते हुए कुलाधिपति महोदय से पुनर्विचार करने हेतु आग्रह किया जाएगा।
इस मामले पर कुलाधिपति से पहल करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है। इस समिति में प्रो हरि नारायण सिंह के नेतृत्व में मीणा झा, लक्ष्मेश्वर राय, प्रो दिलीप कुमार चौधरी और डॉ बैद्यनाथ चौधरी ‘बैजू’ शामिल हैं। यह समिति स्थानीय नगर विधायक संजय सरावगी से भी सहयोग लेकर इस गंभीर मुद्दे पर उचित समाधान निकालने का प्रयास करेगी।

175 नवनियुक्त शिक्षकों को मिली तत्काल राहत
सिंडिकेट की बैठक में 175 नवनियुक्त शिक्षकों के रुके हुए वेतन को लेकर भी मानवीय आधार पर एक अहम निर्णय लिया गया। इन शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया था, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। विश्वविद्यालय ने अब तत्काल प्रभाव से उनका वेतन जारी करने का आदेश दिया है।
हालांकि, वेतन जारी करने के लिए एक शर्त रखी गई है। इन शिक्षकों को प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट से निर्गत एक शपथ पत्र जमा करना होगा। इसके अतिरिक्त, उन्हें साठ दिनों के भीतर संबंधित कॉलेजों से शिक्षण अनुभव का निर्धारित प्रपत्र उप-कुलसचिव (द्वितीय) के कार्यालय में जमा करवाना अनिवार्य होगा। यदि वे इस समय-सीमा का पालन नहीं करते हैं, तो उनका अगला वेतन जारी नहीं किया जाएगा। प्रो दिलीप कुमार चौधरी और प्रो हरि नारायण सिंह के प्रस्ताव पर यह निर्णय लिया गया, जिस पर सभी सदस्यों ने सहमति जताई।
नगर निगम से बकाया वसूली और अन्य महत्वपूर्ण अनुमोदन
बैठक में विश्वविद्यालय परिसर स्थित राज मैदान के पश्चिमी भाग में जल-जमाव की समस्या से निजात पाने के लिए नाला-निर्माण और जमीन-भराई के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। विश्वविद्यालय थाना के पास और डेनवी रोड के बगल में स्थित तालाबों से जलकुंभी हटाने के लिए दरभंगा के नगर आयुक्त द्वारा समर्पित प्राक्कलन और जिलाधिकारी के बड़े बजट के प्रस्ताव पर प्रो हरि नारायण सिंह ने एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि दरभंगा नगर निगम पर विश्वविद्यालय का लगभग तीन करोड़ रुपए बकाया है। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि यदि नगर आयुक्त चाहें तो इस बकाया राशि से ही उक्त कार्यों को करवाया जा सकता है, जिस पर सभी सदस्यों ने अपनी सहमति दी।
बैठक में सिंडिकेट की पिछली बैठक (02.07.2026), विद्वत परिषद् की बैठक (17.07.2026) और वित्त समिति की बैठक (18.07.2026) में लिए गए निर्णयों का भी अनुमोदन किया गया। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय अंग्रेजी विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ तनिमा कुमारी को भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, राष्ट्रपति निवास, शिमला द्वारा सम्मानित फैलोशिप मिलने के कारण 01 अगस्त से दो वर्षों का असाधारण अवैतनिक अवकाश स्वीकृत किया गया। बैठक का धन्यवाद ज्ञापन डीएसडब्ल्यू प्रो अशोक कुमार मेहता ने किया।









