दरभंगा शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला! रिटायर्ड प्रिंसिपल का सेवा विस्तार रद्द, नई प्राचार्या नियुक्त। सेवा विस्तार हुआ रद्द! सोनकी हाईस्कूल में अब चंचला कुमारी को मिला पूरा प्रभार। जिला अपीलीय प्राधिकरण का बड़ा आदेश – रिटायर्ड जहीरुद्दीन अब नहीं रहेंगे प्रिंसिपल।@दरभंगा,देशज टाइम्स।
चौंकाने वाला फैसला! जहीरुद्दीन का सेवा विस्तार रद्द
दरभंगा के सोनकी हाईस्कूल में मचा हड़कंप, सेवा विस्तार आदेश रद्द – नई प्रभारी बनीं वरीय शिक्षिका। चौंकाने वाला फैसला! जहीरुद्दीन का सेवा विस्तार रद्द, अपीलीय प्राधिकरण ने पलटा DEO का आदेश। हाईस्कूल सोनकी में बड़ा बदलाव! अब नई प्राचार्या देखेंगी पूरा कामकाज। शिक्षा विभाग का कड़ा फैसला – सेवा विस्तार की मान्यता खत्म, स्कूल का प्रभार बदल गया@दरभंगा,देशज टाइम्स।






सोनकी हाई स्कूल: सेवा विस्तार रद, नए वरीय शिक्षक को विद्यालय का प्रभार, आदेश जारी: DEO की कार्रवाई
दरभंगा, देशज टाइम्स | जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), दरभंगा ने एक अहम निर्णय लेते हुए सदर प्रखंड के हुकुमदेव नारायण यादव उच्च विद्यालय, सोनकी का सम्पूर्ण प्रभार वरीय शिक्षिका चंचला कुमारी को सौंपने का आदेश जारी किया है। यह आदेश सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक मो. जहीरुद्दीन को संबोधित किया गया है।
यह निर्णय जिला अपीलीय प्राधिकार, दरभंगा के अपील वाद संख्या 49/23 में पारित आदेश के आलोक में लिया गया।
सेवा विस्तार का विवाद
विद्यालय के प्रबंध समिति की बैठक संख्या 2 दिनांक 22 सितंबर 2021 में प्रस्ताव संख्या 4 के तहत निर्णय लिया गया था कि प्रधानाध्यापक पद से सेवानिवृत्त हो चुके मो. जहीरुद्दीन की सेवा अवधि का विस्तार किया जाए।
इसके बाद, जिला शिक्षा पदाधिकारी ने अपने ज्ञापांक संख्या 292 दिनांक 22 जनवरी 2022 के तहत इस निर्णय को सहमति प्रदान कर दी थी।
लेकिन इस निर्णय के खिलाफ विद्यालय के एक शिक्षक देव नारायण यादव ने आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे जिला अपीलीय प्राधिकार, दरभंगा में चुनौती दी।
अपीलीय प्राधिकार का निर्णय
मामले की सुनवाई के बाद, अपीलीय प्राधिकार के पीठासीन पदाधिकारी ने इस पूरे सेवा विस्तार निर्णय को निरस्त कर दिया। इस आदेश के बाद, अब मो. जहीरुद्दीन का सेवा विस्तार अमान्य माना जाएगा।
नए प्रभार की जिम्मेदारी
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने आदेश पारित करते हुए विद्यालय का सम्पूर्ण प्रभार वरीय शिक्षिका चंचला कुमारी को सौंप दिया है। इस फैसले के बाद अब विद्यालय का संचालन नए नेतृत्व में होगा और प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी चंचला कुमारी निभाएंगी।
शिक्षा जगत में संदेश
यह निर्णय शिक्षा विभाग में एक महत्वपूर्ण मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। यह संदेश जाता है कि सेवानिवृत्ति के बाद मनमाने ढंग से सेवा विस्तार नहीं किया जा सकता। विद्यालय प्रबंधन समिति के फैसले को भी कानूनी दायरे में रहकर ही लागू किया जा सकता है। शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि नियम और प्रक्रिया सर्वोपरि हैं।
स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रिया
विद्यालय के शिक्षक और स्थानीय लोगों का मानना है कि यह निर्णय विद्यालय की पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था के लिए सकारात्मक कदम है। शिक्षकों का कहना है कि नए नेतृत्व से विद्यालय में अनुशासन और कार्यप्रणाली में सुधार आएगा।








