Swatantra Bhardwaj: हाल ही में एक इंटरव्यू के कारण सुर्खियों में आए स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। रविवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद पटियाला हाउस कोर्ट की फर्स्ट क्लास जुडिशियल मैजिस्ट्रेट अंजली सिंह ने उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब इस मामले में सोमवार को फिर से सुनवाई होगी। स्वतंत्र भारद्वाज पर जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की एक कार्यकर्ता के पिता पर जानलेवा हमला करने का आरोप है। उनके खिलाफ SC/ST ऐक्ट और POCSO जैसी गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया था। शनिवार को उनकी गिरफ्तारी के बाद रविवार को उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया।

पुलिस की पेशी पर वकीलों ने उठाए सवाल
स्वतंत्र भारद्वाज के वकील पीयूष जैन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘पुलिस ने इस मामले में फिर से छिपते-छिपाते वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का इस्तेमाल किया। कोर्ट ने एक दिन की न्यायिक हिरासत दी है। कल फिर स्वतंत्र को कोर्ट में पेश किया जाएगा। SC-ST मामले की डेजिगनेटेड कोर्ट है, कल उसी में पेश किया जाएगा।’
ड्यूटी मैजिस्ट्रेट की ड्यूटी कोर्ट में आने की होती लेकिन जज आए नहीं हैं तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी कराकर एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा दिया है। अब हम यह कहेंगे कि इसको जान का खतरा है और पुलिस जिस तरह से पेश नहीं करा रही है, उसके लिए हम चीफ जस्टिस समेत तमाम संस्थाओं से अपील करेंगे कि इसको बचाया जाए। कहीं राजनीतिक दबाव में इसकी कुर्बानी ना कर दें।
एक अन्य वकील उमेश शर्मा ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि स्वतंत्र को जान का खतरा है और वे इस मामले को लेकर मुख्य न्यायाधीश सहित अन्य संस्थाओं से अपील करेंगे ताकि राजनीतिक दबाव में उनकी ‘कुर्बानी’ न हो।
इंटरव्यू में खुद कबूला था ‘जानलेवा हमला’
गौरतलब है कि स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने एक इंटरव्यू में खुद यह कबूल किया था कि उन्होंने एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला किया था। इस इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया था कि दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान जैसे बड़े नेताओं से उनकी जान-पहचान है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना ‘बड़ा भाई’ भी बताया था। स्वतंत्र भारद्वाज ने यह भी कहा था कि वह कई बार ऐसे काम कर चुके हैं और जब भी कोई मुश्किल आती है तो यही नेता उन्हें बचा लेते हैं।
अब इन गंभीर आरोपों और उनके कबूलनामे के बाद स्वतंत्र भारद्वाज को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। सोमवार को होने वाली सुनवाई के बाद इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी, जिससे उनकी मुश्किलों में इजाफा हो सकता है।







