बिहार की स्पेशल विजिलेंस यूनिट (Special Vigilance Unit) ने बड़ी कार्रवाई की है। मगध यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद (MU VC Prof. Rajendra Prasad) के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद उनके ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। कुलपति के गया स्थित सरकारी आवास व अन्य ठिकानों की तलाशी ली जा रही है।
इनपर कार्रवाई के पूर्व स्पेशल विजिलेंस यूनिट (magadh university vice chancellor: special vigilance unit raided magadh university vice chancellor whereabouts in bihar) ने केस दर्ज किया। इसके बाद स्पेशल विजिलेंस कोर्ट ने सर्च वारंट जारी किया था। उस आलोक में ही यह कार्रवाई की जा रही है।
मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेन्द्र प्रसाद, सचिव सुबोध कुमार सहित कई के कार्यालय और आवास पर बुधवार की सुबह विशेष निगरानी ब्यूरो की टीम ने छापामारी की। छापामारी जारी है। अपर महानिदेशक,एसवीयू नैय्यर हसनैन खां के निर्देश पर एसपी एसवीयू जेपी मिश्रा के लिखित फर्द बयान पर एसवीयू थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
गया स्थित कुलपति प्रो. राजेन्द्र प्रसाद के सरकारी आवास और बोधगया स्थित मगध विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय सहित कई विभागों में भ्रष्टाचार से संबंधित संचिकाएं एसवीयू टीम तलाश रही है।
पहले केस दर्ज फिर छापेमारी
मगध यूनिवर्सिटी के कुलपति राजेंद्र प्रसाद के खिलाफ पहले निगरानी विभाग ने केस दर्ज किया और फिर उनके ठिकानों की तलाशी लेनी शुरू कर दी। बुधवार की सुबह से ही कुलपति राजेन्द्र प्रसाद के सरकारी आवास और बाकी ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है। इसके पहले स्पेशल विजिलेंस कोर्ट ने केस के आधार पर सर्च वारंट जारी कर दिया था।
इन पर दर्ज हुआ है केस
स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने जो केस (संख्या 2/2021) केस दर्ज किया है। उसमें मगध यूनिवर्सिटी के कुलपति राजेन्द्र प्रसाद सिंह, निजी सचिव सुबोध कुमार समेत एक और शख्स पर केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार जितेंद्र कुमार और अन्य के खिलाफ धारा 120 बी, 420 आईपीसी, पीसी एक्ट 1988 समेत अन्य धाराओं में 16 तारीख को केस दर्ज किया गया था।
एडीजी,एसवीयू नैय्यर हसनैन खां ने पूछे जाने पर बताया कि 20 करोड़ रुपए का टेंडर घोटाला एक प्रमुख आरोप है। जहां कोई भी विभागीय प्रकिया नहीं अपनाई गई है।एक दर्जन से अधिक कालेजों में नियुक्त किए गए व्याख्याताओं और अन्य पदों पर नियुक्ति को राज्य सरकार के पास अनुशंसा नहीं की। जिसके कारण कई महीनों से शिक्षकों, कर्मचारियों और अन्य का वेतन भुगतान नहीं हो सका है।
एडीजी,एस वी यू नैय्यर हसनैन खां ने बताया कि छापामारी के लिए चार डीएसपी,छह इंस्पेक्टर और तीन यूनिट एसटीएफ को लगाया गया है। एसवीयू कुलपति प्रो. राजेन्द्र प्रसाद की ओर से रियल एस्टेट में बड़ी राशि निवेश की सूचना की सत्यता की भी जांच कर रही है।







