Bhojpur Encounter: बिहार के भोजपुर में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर केस ने अब एक नया और सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। इस मामले में पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज होने के बाद, मृतक भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी ने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनके बेटे को सरेंडर करने के बाद तीन गोलियां मारी गईं और पुलिस की गाड़ी में भी दो गोलियां दागी गईं। मां का तो यहां तक दावा है कि पुलिस ने जानबूझकर उनके बेटे के प्राइवेट पार्ट में गोली मारी थी।
आशा देवी और भरत की बहन रूबी पांडेय की ओर से लगाए गए इन आरोपों ने पूरे मामले को और उलझा दिया है। परिजनों का कहना है कि जख्मी हालत में अस्पताल ले जाते समय भी गाड़ी के भीतर गोलियां चलाई गईं। ये दावे अब न्याय की मांग को और मजबूती दे रहे हैं।






मां के गंभीर आरोप: ‘सरेंडर के बाद, गाड़ी में भी मारी गोली’
भरत तिवारी की मां आशा देवी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उनके बेटे को धोखे से मारा गया। उन्होंने इसे एनकाउंटर के नाम पर की गई हत्या करार दिया है। बेटे को खोने के गम में डूबी मां ने पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज होने पर संतोष जताया, लेकिन न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने की बात कही।
”केस हो गईल, अब उम्मीद बा कि इंसाफ मिली। बाकी संतोष तब मिली, जब हमरा बेटा के मारे वाला के फांसी होई..केस त हो गईल, सजाये हो जाई तब नू जानब।”
आशा देवी ने कहा कि असली संतोष तभी मिलेगा जब उनके बेटे को मारने वालों को फांसी की सजा होगी। पुलिसकर्मियों, जिसमें जगदीशपुर एसडीपीओ और तत्कालीन थानाध्यक्ष शामिल हैं, के खिलाफ मामला दर्ज होने को लोगों ने आंदोलन की पहली जीत बताया है। अब दोषी पुलिसकर्मियों को जेल भेजने और बर्खास्त करने की लड़ाई लड़ने की बात कही जा रही है।
पुलिस पर हत्या का केस, आंदोलन की पहली जीत
यह पूरा मामला 17 जून की सुबह का है, जब एक एनकाउंटर के दौरान पुलिस की गोली से भरत भूषण तिवारी जख्मी हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शुरुआती कार्रवाई में पुलिस ने भरत भूषण तिवारी, उनके पिता और भाई पर आर्म्स एक्ट के तहत अलग-अलग केस दर्ज किए थे। इसके अलावा, घटना के विरोध में सड़क जाम कर रहे लोगों पर भी प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पुलिस की इस कार्रवाई से आम जनता में आक्रोश भड़क उठा था और जोरदार आंदोलन शुरू हो गया। जनदबाव के चलते आखिरकार पांच दिन बाद, 22 जून को पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। इस कदम को आंदोलनकारियों ने न्याय की दिशा में पहली बड़ी सफलता माना है।
न्याय के लिए महापंचायत, यूपी-बिहार से जुटेंगे लोग
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग को लेकर आज बुधवार को शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव स्थित कुंडेश्वर नाथ मंदिर परिसर में ‘सर्व समाज की महापंचायत’ का आयोजन किया जा रहा है। इस महापंचायत सह श्रद्धांजलि सभा में बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है।
आयोजकों के अनुसार, महापंचायत में भरत तिवारी प्रकरण की निष्पक्ष जांच, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और भविष्य की आंदोलनात्मक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और प्रबुद्ध नागरिक भी शामिल होंगे। संभावित भीड़ को देखते हुए आयोजन स्थल पर 20 पानी के टैंकर, पेयजल, प्रसाद वितरण और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था की गई है। आयोजन समिति से जुड़े पंकज तिवारी ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मामले में न्याय की मांग को मजबूत करना और समाज की एकजुटता प्रदर्शित करना है।








