Bihar 102 Ambulance: आपातकाल में जीवन बचाने वाली 102 राष्ट्रीय एंबुलेंस सेवा ने बिहार में अपनी तेज रफ्तार से लाखों लोगों को राहत पहुंचाई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मासिक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक महीने में इस सेवा ने 1.69 लाख से अधिक मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई है, जो अपने आप में एक बड़ा आंकड़ा है।
राज्य भर में कुल 2017 एंबुलेंस लगातार सेवा में तैनात हैं। इन एंबुलेंस के लिए एक महीने में 1,88,340 कॉल प्राप्त हुए, जिनमें से 1,69,541 मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया। आंकड़ों के मुताबिक, प्रतिदिन औसतन 6,278 आपातकालीन कॉल दर्ज किए गए, जो इस सेवा की व्यापक पहुंच और उपयोगिता को दर्शाता है।
तेज रफ्तार एंबुलेंस: शहरी-ग्रामीण इलाकों का औसत रिस्पॉन्स टाइम
आपातकालीन स्थितियों में मरीजों तक पहुंचने के मामले में एंबुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम बेहद महत्वपूर्ण होता है। रिपोर्ट बताती है कि शहरी क्षेत्रों में एंबुलेंस का औसत रिस्पॉन्स टाइम मात्र 10 मिनट रहा, जो सराहनीय है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में भी एंबुलेंस औसतन 11 मिनट 37 सेकेंड में मरीजों तक पहुंची। यह गति आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में एंबुलेंस की उपलब्धता और समय पर पहुंचने के महत्व को साबित करती है, जिससे मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में निर्णायक मदद मिलती है।
किस जिले में सबसे अधिक कॉल? जानें आंकड़े
जिलावार विश्लेषण से पता चलता है कि पूर्वी चंपारण में 94 एंबुलेंस के माध्यम से सर्वाधिक 9,384 कॉल प्राप्त हुए और 8,223 मामलों का निष्पादन किया गया। गया जिले में 96 एंबुलेंस के लिए 8,057 कॉल आए, जिनमें से 7,446 मामलों में सेवा प्रदान की गई। राजधानी पटना में 104 एंबुलेंस तैनात हैं, जहां 7,924 कॉल प्राप्त हुए और 7,166 मामलों में सफलतापूर्वक सेवा उपलब्ध कराई गई।
प्रति एंबुलेंस प्रतिदिन कॉल के औसत के मामले में अररिया 3.7 कॉल और बेगूसराय 3.6 कॉल के साथ सबसे आगे रहे। स्वास्थ्य विभाग की मासिक रिपोर्ट यह स्पष्ट करती है कि 102 एंबुलेंस सेवा पूरे राज्य में आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुकी है, जिससे आम लोगों को गंभीर परिस्थितियों में तत्काल मदद मिल पा रही है।







