PM Modi Protest: अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भारत में चल रहे एक युवा आंदोलन को लेकर सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) नामक इस आंदोलन को अमेरिकी डोनर्स से आर्थिक मदद मिल रही है। यह आरोप ऐसे समय आया है जब आंदोलन से जुड़े दो प्रमुख नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जिससे देश को अस्थिर करने के प्रयासों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
रूस के अंतरराष्ट्रीय समाचार टेलीविजन नेटवर्क रशिया टुडे (आरटी) के मुताबिक, मैरी मिलबेन ने बुधवार, 15 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में यह दावा किया। मिलबेन के अनुसार, कुछ अमेरिकी डोनर्स कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके और उनके आंदोलन को आर्थिक सहायता प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ये डोनर्स अमेरिका में शिक्षित कार्यकर्ताओं को चुनते हैं, ताकि वे अपने देशों में रूढ़िवादी नेताओं को चुनौती दे सकें। हालांकि, मिलबेन ने इन कथित फंडिंग करने वाले लोगों के नाम उजागर नहीं किए और न ही अपने आरोपों के समर्थन में कोई वित्तीय प्रमाण पेश किया।
अमेरिकी फंडिंग के गंभीर आरोप और उनका खंडन
विदेशी फंडिंग के इन आरोपों को कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके पहले ही खारिज कर चुके हैं। दिपके का कहना है कि आंदोलन के आयोजक और उनके दोस्त आपस में पैसे जुटाकर विरोध प्रदर्शनों का खर्च उठाते हैं। यह विवाद तब और गहरा गया जब सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं और विपक्षी राजनेताओं पर विदेशी ताकतों के इशारे पर देश को अस्थिर करने की कोशिश करने के आरोप लगाए। हालांकि, इन विदेशी फंडिंग से जुड़े आरोपों की अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
मैरी मिलबेन की पीएम मोदी के समर्थन में अपील
मैरी मिलबेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री अमेरिका से आने वाली विघटनकारी ताकतों के सामने झुकने वाले नहीं हैं। मिलबेन ने भारत के युवाओं से कॉकरोच जनता पार्टी के खिलाफ एक शांतिपूर्ण जवाबी प्रदर्शन आयोजित करने की अपील की। उनका मानना है कि लोकतंत्र और स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए इस तरह के जवाबी आंदोलन का होना बेहद जरूरी है। गौरतलब है कि, जून 2023 में प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका की राजकीय यात्रा के दौरान वाशिंगटन डीसी में भारतीय प्रवासियों के एक कार्यक्रम में मैरी मिलबेन ने भारत का राष्ट्रगान गाया था।
आंदोलनकारी नेताओं को न्यायिक हिरासत
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास और सह-संयोजक आशुतोष रांका को बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वे उन प्रदर्शनकारियों में शामिल थे, जिन्होंने मध्य दिल्ली स्थित ऐतिहासिक स्थल जंतर-मंतर में प्रवेश करने के लिए बैरिकेड्स पार किए थे। पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए अधिकृत स्थलों की सूची से हटा दिया था। पिछले सप्ताह भारत में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसमें विपक्ष के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी। उनकी आपत्ति मतदाता सूचियों में किए गए बदलावों को लेकर थी।
यह घटनाक्रम दर्शाता है कि भारत में राजनीतिक विरोध और विदेशी हस्तक्षेप के आरोप एक जटिल मुद्दा बन गए हैं। आने वाले समय में इन आरोपों की जांच और कानूनी कार्रवाई के परिणाम देश की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।








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