Darbhanga News: दरभंगा में खौफनाक वारदात: 9वीं की छात्रा से गैंगरेप, दिल्ली ले जाने की थी तैयारी! SSP जगुनाथ रेड्डी का पढ़िए – त्वरित एक्शन
दरभंगा जिले के बिरौल थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। नौवीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा ने दो युवकों पर दुष्कर्म करने और उसे दिल्ली ले जाने की कोशिश करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पीड़िता अपने परिजनों के साथ बिरौल थाना पहुंची है और पांच लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रही है।

इधर, दरभंगा बिग ब्रेकिंग 2 दुष्कर्म के आरोपी गिरफ्तार।नाबालिक छात्रा ने आरोप लगाया था बाइक से उठा ले जा कर दुष्कर्म किया। पुलिस ने आवेदन मिलते हीं की कार्रवाई। SSP जगुनाथ रेड्डी के निर्देश पर देर रात छापेमारी कर SDPO प्रभाकर तिवारी ने दोनों युवक को किया गिरफ्तार। घटना में इस्तेमाल बाइक भी किया जब्त। पुलिस मामले की गम्भीरता के जांच में जुटी कि कैसे युवती बाइक पर बैठी। युवक के ननिहाल में रात बिताई और उस युवक के साथ दरभंगा स्टेशन क्यों पहुंची! गिरफ्तार युवक के बयान प्रेम प्रसंग के एंगल पर भी जांच करने में जुटी। बिरौल देशज टाइम्स टीम। प्रभास रंजन की रिपोर्ट।
परीक्षा से लौट रही छात्रा के साथ हैवानियत
पीड़िता ने बताया कि यह घटना 23 सितंबर को दोपहर करीब तीन बजे की है, जब वह परीक्षा देकर पैदल घर लौट रही थी। इसी दौरान मंजरगाही गांव के दो युवक बाइक से उसके पास आए। छात्रा ने उनमें से एक की पहचान मंजरगाही निवासी जामुन मांझी के बेटे परविंद मांझी के रूप में की है। आरोप है कि दोनों युवकों ने गांव छोड़ने के बहाने उसे बाइक पर बिठा लिया। कुछ दूर जाने के बाद उन्होंने उसके नाक-मुंह पर रुमाल रख दिया और उसे एक सुनसान जगह ले गए।
सुनसान स्थान पर ले जाकर छात्रा के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया। पीड़िता ने बताया कि विरोध करने पर उसे मारपीट की धमकी भी दी गई थी।
जीआरपी ने बचाया, फिर भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल
पीड़िता के अनुसार, दुष्कर्म के बाद दोनों युवक उसे रेलवे स्टेशन ले गए और दिल्ली जाने वाली ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान, वहां मौजूद जीआरपी (सरकारी रेलवे पुलिस) के जवानों को देखकर छात्रा ने शोर मचाया। छात्रा के मुताबिक, जीआरपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित बचा लिया और दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। जीआरपी ने उसके पिता को बुलाकर स्थानीय थाने में आवेदन देने के लिए कहा।
घर लौटने के बाद छात्रा और उसके परिवार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे धमकी दी जा रही है और पंचायत में मामले को खत्म करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
बिरौल थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने इस मामले में कहा, “थाना में अभी तक कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। मैं गणपति प्रतिमा विसर्जन की ड्यूटी में व्यस्त हूं। आवेदन मिलने पर मामले की पूरी जांच की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।”
पुलिस स्तर पर अभी आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। मामले की स्पष्ट स्थिति पुलिस के समक्ष आवेदन और विस्तृत जांच के बाद ही सामने आ पाएगी। यह घटना दरभंगा में नाबालिगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है और न्याय की मांग उठ रही है।

