Bihar Flood News: उत्तर बिहार की नदियों में नेपाल में हुई भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के बाद जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सीमावर्ती और पहाड़ी जलग्रहण क्षेत्रों से पानी की निरंतर आवक के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। मुजफ्फरपुर जिले में भी बागमती, बूढ़ी गंडक और गंडक नदी के जलस्तर पर प्रशासन पैनी नजर रख रहा है।
जिले के बेनीबाद में बागमती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इससे औराई, कटरा और गायघाट प्रखंड के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। जिला प्रशासन और जिला आपातकालीन संचालन केंद्र, मुजफ्फरपुर की ओर से 6 सितंबर 2026 की सुबह 6 बजे जारी आंकड़ों के अनुसार, बेनीबाद में बागमती नदी का जलस्तर 48.87 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का निशान 48.68 मीटर है। इस तरह नदी अपने लाल निशान से 0.19 मीटर ऊपर बह रही है, हालांकि वर्तमान में जलस्तर स्थिर बताया गया है।
बागमती नदी का रौद्र रूप: तीन प्रखंडों पर बाढ़ का साया
बागमती नदी के बेनीबाद में खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के कारण औराई, कटरा और गायघाट प्रखंडों के निचले और तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। नदी का पानी बढ़ने की स्थिति में इन क्षेत्रों के कई गांव सीधे तौर पर प्रभावित हो सकते हैं। ग्रामीण इलाकों में खड़ी फसलों के डूबने और महत्वपूर्ण सड़कों का संपर्क टूटने की आशंका भी बनी हुई है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है।
अन्य नदियों का हाल: गंडक भी खतरे के करीब
बागमती के कटौझा में जलस्तर 53.60 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान 55.00 मीटर से नीचे है। राहत की बात यह है कि कटौझा में जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, सिकंदरपुर में बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर 46.91 मीटर है, जो खतरे के निशान 52.53 मीटर से काफी नीचे है और स्थिति स्थिर है।
गंडक नदी का जलस्तर रेवाघाट में 54.02 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का निशान 54.41 मीटर है, यानी नदी लाल निशान से महज 0.39 मीटर नीचे है। हालांकि, रेवाघाट में भी जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे फिलहाल कुछ हद तक राहत मिली हुई है।
प्रशासन की बढ़ी सक्रियता, निचले इलाकों को अलर्ट
बागमती नदी के बेनीबाद में खतरे के निशान से ऊपर बहने के बाद प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। जल संसाधन विभाग के कनीय अभियंता और जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष की टीमें जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर लगातार बारीकी से नजर रख रही हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी हर स्थिति के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
स्थानीय प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। आगामी दिनों में नेपाल से आने वाले पानी और संभावित बारिश पर निर्भर करेगा कि मुजफ्फरपुर में बाढ़ का खतरा कितना गहराता है।







