UP Shikshamitra Age Relaxation: उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों के लिए एक बड़ा राहत भरा फैसला आया है। अब वे 60 साल की उम्र तक सहायक अध्यापक भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे। शिक्षा विभाग ने परिषदीय स्कूलों में चल रही 11508 सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया में शिक्षामित्रों को आयु सीमा में विशेष छूट देने का निर्णय लिया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद यह कदम उठाया गया है, जिससे प्रदेश के करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मिली बड़ी छूट
अपर मुख्य सचिव, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस संबंध में बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को निर्देश भेजे हैं। यह छूट नगर क्षेत्र के 11508 सहायक अध्यापकों के पदों पर चल रही चयन प्रक्रिया में शामिल की जाएगी। पहले शिक्षामित्र नियमित शिक्षकों की तरह कार्य कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें वापस शिक्षामित्र के पद पर भेज दिया गया था। उन्हें पूर्व में दो भर्तियों में भारांक और आयु सीमा में छूट मिल चुकी है। 69 हजार शिक्षक भर्ती की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से शिक्षामित्रों को अगली चयन प्रक्रिया में एक और मौका देने पर विचार करने को कहा था। इसी आदेश के बाद सरकार ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
सामान्य अभ्यर्थियों और शिक्षामित्रों की सेवानिवृत्ति आयु
इस भर्ती में सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा 1 जुलाई को 21 साल से 40 साल निर्धारित है। वहीं, शिक्षामित्रों की सेवानिवृत्ति आयु 2023 में 60 साल हो गई है, जिसका मतलब है कि वे अपनी सेवानिवृत्ति की उम्र तक आवेदन करने के पात्र होंगे। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने इस भर्ती में 50 अंकों का भारांक देने की भी मांग रखी है। परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष है।
टीईटी परीक्षा को लेकर भी अहम आदेश
एक अन्य महत्वपूर्ण खबर में, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) जल्द से जल्द दोबारा कराने के आदेश दिए गए हैं। टीजीटी भर्ती में टीईटी को अनिवार्य किए जाने के बाद यह निर्देश आया है। शासन के उप सचिव चन्द्र श्याम मिश्र ने बुधवार को चयन आयोग के सचिव को इस संबंध में पत्र भेजा। चयन आयोग ने इससे पहले 2 से 4 जुलाई तक टीईटी आयोजित की थी, जिसमें पंजीकृत 19,94,661 परीक्षार्थियों में से 17,70,714 (88.77%) ने हिस्सा लिया था। 5 सितंबर को विशेष टीईटी के लिए विज्ञापन जारी किया गया था, जिसकी परीक्षा 3 नवंबर को प्रस्तावित है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के दिशानिर्देशों के अनुसार, एक वर्ष में दो बार टीईटी आयोजित की जानी चाहिए।
भविष्य पर क्या होगा असर?
शिक्षा विभाग का यह फैसला उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है, जिससे उन्हें सहायक अध्यापक बनने का एक और अवसर मिलेगा। वहीं, टीईटी के जल्द आयोजन से भी शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी आने की संभावना है, जो राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होगा।







