सहरसा। साहित्य अकॉदमी दिल्ली द्वारा वेबलाइन साहित्य श्रृंखला के अंतर्गत ”युवा साहिती” कार्यक्रम का आयोजन सोमवार को किया गया।इस कार्यक्रम में मिथिला के विभिन्न जिले से मैथिली भाषा के (Maithili is not a regional language) बारह कवि-कवयित्रियों ने भाग लिया।






इसमें चर्चित युवा कवि मुख्तार आलम, अंशुमान सत्यकेतु, प्रदीप पुष्प,निशाकर,प्रीतम निषाद,सोनी नीलू झा,संस्कृति मिश्र,रूपम झा, रामकृष्ण प्रार्थी,विजय कुमार यादव,उमेश मंडल,साकेत ठाकुर मुख्य रूप से थे।कार्यक्रम का प्रारम्भ साहित्य अकादेमी में मैथिली भाषा के कॉन्वेंर डॉ अशोक कुमार झा ”अविचल” के अध्यक्षीय भाषण से हुआ।
उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि मैथिली के अनेक केंद्र हैं।जिसमें कलकत्ता,दिल्ली आदि मुख्य है।मैथिल जहाँ जाते हैं अपनी भाषा और संस्कृति के साथ जाते है।
अतः मैथिली क्षेत्रीय नहीं बल्कि राष्ट्रीय भाषा है।इसके बाद कवि सम्मेलन का आरंभ हुआ।मुख्तार आलम ने ”एतबा भेलाक बादो”, ईश्वरसँ संवाद” और ”आत्मकथ्य” शीर्षक कविता का पाठ किया। कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन अकादेमी के सचिव एन सुरेश बाबू ने किया।








