खुटौना/ लौकहा, मधुबनी देशज टाइम्स ब्यूरो। मधुबनी जिले के खुटौना प्रखंड (Big news from Madhubani’s Laukaha) में लौकहा हाई स्कूल स्थित वार्ड नंबर 09 में बीते गुरुवार की देर रात लगभग 1 बजे के आसपास लौकहा निवासी व्यवसायी गोपेन चंद्र सेन के घर में बेखौफ डकैतों ने लौकहा थाना से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर दर्जनों से ज्यादा की संख्या में जुटे हथियार बंद अपराधियों ने घटना को अंजाम देना शुरू किया।
इसके बाद कुछ दूरी पर गश्ती कर रहे लौकहा थाना के चौकीदार किसून कुमार ने खटखट की आवाज सुन कर घटना स्थल के पास पहुंचा और आवाज लगायी तब डकैतों ने उसकी आवाज सुन छत पर से उस पर बम फेंक दिया। तब किसुन ने किसी तरह भाग कर घटना की जानकारी थाना को दी गयी।
पुलिस भी घटना स्थल पर पहुंची। इसके बाद डकैतों ने बम और गोलियों की जमकर पुलिस पर बरसात करते हुए दो लाख नकद सहित तकरीबन 20 से 25 लाख रुपए मूल्य के सामानों की डकैती कर गैस कटर से घर के पीछे का दरवाजा काट कर नेपाल की ओर चलते बने। पुलिस की ओर से आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी व छापेमारी की जा रही है।

पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस की मौजूदगी में हथियार बंद अपराधी ताला तोड़ घर में प्रवेश किया। हालांकि पुलिस को सूचना भी प्राप्त थी लेकिन घटना स्थल से 30 मीटर की दूरी पर पुलिस मौजूद थी। पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया।
पीड़ित परिवार के परिजन अरुण दत्त ने कहा कि मेरे जीजा ने रात के 1 बजे फोन किया कि डकैत गैस कटर से गेट काट रहे हैं तभी पुलिस को लेकर मौके पर पहुंची लेकिन पुलिस घटनास्थल से 30 मीटर पहले रुक गयी तथा गाड़ी में ही बैठी रही। वहीं, लाइट जलाने को रोक दिया और चुपचाप रहने को बोला। जबकि 45 मिनट तक डकैत पांच ताला तोड़ते रहे और मदद के लिए ना एसएसबी आयी और ना ही पुलिस।
मिली जानकारी के मुताबिक डकैतों ने रात के एक बजे पीछे के रास्ते से दो बांस की सीढ़ी बना कर घर के अंदर प्रवेश किया तथा लोहे के दो ग्रिल को काट कर कमरे में पहुंचकर घर को अस्त – व्यस्त कर दिया गया तथा हथियार से लैस अपराधी जो 15 से 20 की संख्या में थे। जमकर लूट की घटना को अंजाम दिया गया।
वहीं, अरुण दत्त और पीड़ित परिवार वालों ने कहा कि गांव के ही एक व्यक्ति मसीहा के द्वारा परिजनों की सुरक्षा के लिए दो राउंड फायरिंग की जाती है। लेकिन, पुलिस की ओर से कुछ नहीं किया जाता है। यहां पर एक सवाल खड़ा होता है कि पुलिस के रहते एक सिविलियन को बंदूक उठानी पड़ी जो पुलिस के सुस्त रवैए की ओर इशारा करता है।
ग्रामीणों में पुलिस के इस लापरवाह रवैये के प्रति काफी आक्रोश है। ग्रामीण तथा जाप जिलाध्यक्ष महेश गुप्ता ने कहा कि थानाध्यक्ष का जल्द ही निलंबन होना चाहिए।घटना की जानकारी मिलते ही फुलपरास डीएसपी प्रभात कुमार शर्मा पीड़ित के घर पहुंच विभिन बन्दुओं से घटनास्थल का मुआयना किया और जल्द ही अपराधियों को पकड़ लेने की बात कही।वहीं शुक्रवार को जयनगर एसएसबी 48 वीं बटालियन के जवानों ने डॉग स्क्वायड की मदद से मामले की जांच की ।

















