सुनील सहनी, पटना। जदयू के पूर्व एमएलसी रणवीर नंदन ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह को अपना इस्तीफा भेज दिया है। उन्होंने किस कारण से इस्तीफा दिया है। इसके बारे में कुछ भी नहीं बताया है।
इस्तीफे की कॉपी नीतीश कुमार को भी भेजा है। रणवीर नंदन ने अपने इस्तीफे में कोई कारण नहीं बताया है कि वे क्यों जेडीयू छोड़ रहे हैं। लेकिन उनके इस्तीफे को लेकर पार्टी में जो चर्चा है, उसके मुताबिक वे बड़े बेआबरू होकर नीतीश के कूचे से निकले हैं।






पार्टी की मुख्यधारा से बिल्कुल अलग थलग कर दिये गये थे। कभी उनकी गिनती नीतीश कुमार के किचन कैबिनेट के सदस्यों में होती थी। लेकिन अब उन्हें पार्टी के 12 प्रदेश प्रवक्ताओं में एक प्रवक्ता बनाकर छोड़ दिया गया था। दो दिन पहले नीतीश कुमार ने पार्टी के प्रकोष्ठों के अध्यक्षों और प्रदेश प्रवक्ताओं के साथ बैठक की थी। उस बैठक से भी रणवीर नंदन गायब थे।
जानकारी के अनुसार,आज सुबह करीब 10 बजकर 30 मिनट पर उन्होंने अपना इस्तीफा ललन सिंह को भेजा। पूर्व एमएलसी रणवीर नंदन ने बिना कोई कारण बताए जदयू से इस्तीफा दे दिया।
ललन सिंह को भेजे गए पत्र में उन्होंने सिर्फ इतना लिखा कि, मैं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं। बदले में उन्हें जदयू के तरफ से निष्कासित कर दिया गया। इस्तीफा देने के दो घंटे बाद जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने उनके निष्कासन का पत्र निकाला।
जेडीयू सूत्रों के मुताबिक उस बैठक में रणवीर नंदन को बुलाया नहीं गया था। वैसे भी पार्टी नेतृत्व के निर्देश के मुताबिक जेडीयू के हर प्रवक्ता नियमित तौर पर पार्टी दफ्तर में प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं। लेकिन रणवीर नंदन को इससे अलग रखा गया था। उन्हें जेडीयू की गतिविधियों से पूरी तरह से अलग थलग कर दिया गया था।








