देश एवं सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने 76वें स्वतंत्रता दिवस पर ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है।
जानकारी के अनुसार,देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने कर्ज का लेंडिंग रेट बढ़ा दिया है. इसकी नई दरें 15 अगस्त से लागू हो गई हैं. रिजर्व बैंक के रेपो रेट बढ़ाने के बाद स्टेट बैंक ने लेंडिंग रेट में बढ़ोतरी का ऐलान किया है।

लेंडिंग रेट बढ़ने से कर्ज महंगा हो जाएगा और लोन की ईएमआई पहले से अधिक भरनी होगी। यहां लेंडिंग रेट का अर्थ एमसीएलआर यानी कि मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट से है। जिन लोगों ने एमसीएलआर के आधार पर लोन लिया है, उन्हें अधिक ब्याज देना होगा, उनकी ईएमआई पहले से अधिक आएगी। रिटेल लोन में एक साल का एमसीएलआर सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस तरह के लोन में होम लोन आता है।
एसबीआई ने फंड की सीमांत लागत आधारित उधार दर (एमसीएलआर) में 0.20 फीसदी का इजाफा किया है। बैंक ने 3 महीने में तीसरी बार लोन पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। स्टेट बैंक की बढ़ी हुई दरें सोमवार से लागू हो गई है।
दरअसल इससे पहले स्टेट बैंक ने पिछले महीने भी एमसीएलआर रेट में 0.10 फीसदी का इजाफा किया था। इसी तरह एक हफ्ते पहले एचडीएफसी बैंक ने एमसीएलआर में 0.05 से 0.10 फीसदी का इजाफा किया था, जो 8 अगस्त से लागू हो गई है। इसके अलावा आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने भी फंड की सीमांत लागत आधारित उधार दर 0.05 से लेकर 0.15 फीसदी की बढ़ोतरी की है।
परसेंट, एक साल का एमसीएलआर 7.5 से 7.7 परसेंट, दो साल का एमसीएलआर 7.7 परसेंट से 7.9 परसेंट और तीन साल का एमसीएलआर 7.8 परसेंट से 8 परसेंट कर दिया गया है।
इस बढ़ोतरी के बाद बैंक की एक रात से 3 महीने की एमसीएलआर 7.15 फीसदी से बढ़ाकर 7.35 फीसदी हो गई है। इसी तहत 6 महीने के लिए एमसीएलआर 7.45 फीसदी से बढ़कर 7.65 फीसदी हो गया है। बैंक का एक साल के लिए दर 7.50 फीसदी से बढ़कर 7.70 फीसदी और दो साल के लिए 7.70 फीसदी से बढ़कर 7.90 फीसदी हो गया है। ऐसे ही 3 साल के लिए एमसीएलआर 7.8 फीसदी से बढ़कर 8 फीसदी हो गया है।
हाल ही में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने महंगाई दर को काबू में रखने के लिए रेपो रेट में 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। इस बढ़ोतरी के बाद रेपो रेट की दर 5.40 फीसदी हो गई है। आरबीआई के रेपो रेट में इजाफे के बाद सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के कई बैंकों ने कर्ज लेना महंगा कर दिया है।

















