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चर्चित IPS Vikas Vaibhav अब संभालेंगे बिहार राज्य योजना पर्षद के परामर्शी की कमान, यह ईनाम है…मगर?

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डीजी शोभा अहोतकर से टकराने का ईनाम अब जाकर चर्चित आईपीएस अधिकारी को मिला है। कारण, आतंवाद के खिलाफ एक्शन लेने वाले जाबांज, आतंकवादियों से निबटने और उग्रवादियों से लड़ने वाले योद्धा आइपीएस विकास वैभव के जिम्मे अब वो काम सौंपा गया है जहां पिछले बारह सालों से कोई काम हुआ ही नहीं।

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इसे आप ईनाम समझिए या सरकार की बेहतरी की मंशा कि चलो जहां जिस योजना पर्षद में अब विकास वैभव परामर्श देंगे वहां 12 साल से कोई काम नहीं हुआ तो अब इनके अनुभव से यहां कुछ विकास का वैभव दिखने लगे और बिहार इन बारह सालों में जो ना कर सका वो अब शायद इस अनुभव के बूते कर लें। मगर, यह पद कांटे भी हैं तो उसे फूल बनाने की जिम्मेदारी भी। क्योंकि, अगर इसे पनिशमेंट के तौर पर देखा जाए तो भी चुनौती अगर यह सोचकर एक जवाबदेह अफसर को सौंपी गई जिम्मेदारी है तब भी। इसे चमकाना तो अब सबसे बड़ी चुनौती है जहां बारह साल के पड़े धूल फांकते फाइलों को चमकाना है। उसमें नई लिखावट से नए विकास के शब्द गढ़ने हैं।

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मगर, चर्चा यही है कि यह उन्हें टकराने का फल मिला है। मगर, साकारात्मक सोच से देखा जाए तो इस बेहतरीन अनुभव को कार्ययोजना में ढ़ालकर बिहार को एक नई ऊंचाई में ले जाने की कवायद भी हो सकती है। वैसे, यह तय करना उस अधिकारी को है जो सिस्टम से टकराया, और चार महीनें के बाद वहां पहुंचा है, जहां पहुंच जाने की शायद उम्मीद नहीं रही होगी…या इसे चुनौती मानकर यहां भी वैभव वाली उम्मीद वह जगा दें।

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चर्चित आईपीएस अधिकारी विकास वैभव को बिहार राज्य योजना पर्षद के परामर्शी की जिम्मेदारी दी गई है। चार महीने से वह पुलिस मुख्यालय में थे। पोस्टिंग के इंतजार में थे जहां से आखिरकार उन्हें परामर्शी बना दिया गया है। यह वहीं जगह है जहां पिछले बारह सालों से कोई काम ही नहीं दिखा।

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योजना पर्षद 2006 में बना था। इसके तहत योजनाओं के निर्माण, निगरानी, सलाह, दस वर्षीय योजनाओं के निर्माण, सरकार की नीति तैयार करने के साथ अन्य चीजें शामिल हैं।

अब आतंकवादियों से लड़ने वाले विकास वैभव योजना पर्षद में क्या परामर्श देकर विकास की लौ का वैभव जगाएंगें। यह भी दिलचस्प है। वैसे, राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने उनकी नई पोस्टिंग की अधिसूचना जारी कर दी गई है। दो अन्य आईपीएस अफसरों की पोस्टिंग की भी अधिसूचना गृह विभाग ने जारी की है।

वर्ष 1990 बैच के नीरज सिन्हा को असैनिक सुरक्षा आयुक्त बनाया गया है। वहीं, 2005 बैच के आईपीएस एम सुनील कुमार नायक को गृह रक्षा वाहिनी-सह-अग्निशमन सेवाएं में पुलिस महानिरीक्षक-सह-अपर महासमादेष्टा बनाया गया है। यह दोनों अधिकारी भी पदस्थापन की प्रतीक्षा में थे।

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