बिहार में शिक्षकों की बड़ी बहाली के बीच एक नाम अब काफी चर्चा में है वह है केके पाठक। जब से केके पाठक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य बनें हैं, उनके कड़े फैसले चर्चा और सुर्खियों में है। मगर, इस समय केके पाठक की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
पटना हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। दरअसल, उन्हें कोर्ट ने सशरीर कोर्ट में पेश होने के आदेश दिया था। लेकिन वो कोर्ट नहीं आए। इसके बाद उनकी मुश्किलें बढ़नी तय है।






पटना हाईकोर्ट में जस्टिस पीवी बजंत्री की खंडपीठ ने एक अवमानना के मामले में के. के पाठक को कोर्ट ने आज यानी 13 जुलाई,2023 को सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया था। लेकिन पाठक किसी कारणवश स्वयं उपस्थित नहीं होकर,अपने वकील के जरिए हाजिर हुए।
इसके बाद अब इनके खिलाफ वारंट जारी करने का आदेश दिया गया है। पटना हाईकोर्ट ने कोर्ट ने आदेश की अवमानना करार देते हुए उनकी हाजिरी को सुनिश्चित करने के लिए जमानती वारंट जारी करने का निर्देश दिया।
जानकारी के अनुसार,पटना हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के खिलाफ कोर्ट में उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। पटना हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के खिलाफ कोर्ट में उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है।
जस्टिस पीवी बजंत्री की खंडपीठ ने एक अवमानना के सिलसिले में पाठक को कोर्ट ने आज 13 जुलाई,2023 को निश्चित रूप से कोर्ट में स्वयं उपस्थित होने का आदेश दिया था। लेकिन किसी कारणवश के के पाठक स्वयं उपस्थित नहीं होकर,अपने वकील के जरिए हाजिर हुए।
जानकारी के अनुसार,एक अवमानना के मामले में पटना हाईकोर्ट में जस्टिस पीवी बजंत्री की खंडपीठ ने केके पाठक को आज कोर्ट में सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया था। लेकिन केके पाठक हाईकोर्ट में उपस्थित नहीं हुए बल्कि अपने वकील को भेजा।
इसके बाद कोर्ट ने उनके खिलाफ वारंट जारी करने का आदेश दिया है। दरअसल आदेश के बाद भी सशरीर उपस्थित ना होने को हाईकोर्ट ने कोर्ट ने आदेश की अवमानना करार दिया। उनकी हाजिरी को सुनिश्चित करने के लिए कोर्ज ने जमानती वारंट जारी करने का निर्देश दिया।
अपर मुख्य शिक्षा सचिव के वकील नरेश दीक्षित ने बताया कि केके पाठक ने जून, 2023 में अपने पद पर योगदान दिया। इसके बाद उन्होंने नालंदा जिला के एक शिक्षक घनश्याम प्रसाद सिंह को हेड मास्टर के पद पर प्रोन्नत का आदेश जारी किया गया।
उन्होंने बताया कि अपर मुख्य सचिव पाठक ने नालंदा के जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र लिख कर आदेश का पालन किये जाने का निर्देश दिया। इसके बाद डीईओ नालंदा ने आदेश का पालन कर विभाग को सूचित किया। उस शिक्षक ने भी आदेश के अनुपालन होने को स्वीकार भी किया। अब इस मामलें पर अगली सुनवाई 20 जुलाई 2023 को होगी।








