Bihar Rabri Devi: पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने की आज आखिरी तारीख है। भवन निर्माण विभाग द्वारा जारी नोटिस के बाद भी, लालू परिवार के सामने अब भी यह सवाल है कि उनका अगला ठिकाना क्या होगा। नए सरकारी आवास 39 हार्डिंग रोड का काम अभी 70% ही पूरा हो पाया है, जिसके कारण परिवार के वहां शिफ्ट होने की संभावना कम है। ऐसे में, कानूनी कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है।
लालू यादव और राबड़ी देवी 1 जुलाई को अपने बेटे और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के 1 पोलो रोड स्थित सरकारी आवास में अस्थायी रूप से शिफ्ट हो सकते हैं। इस बीच, रविवार देर शाम से ही 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास से सामानों की शिफ्टिंग शुरू हो गई है। बंगले में लगे सीसीटीवी कैमरे समेत कई सामान हटाए जा चुके हैं, जिन्हें कौटिल्यनगर के मकान में रखा जा रहा है।






आज खत्म हो रही है सरकारी बंगला खाली करने की समय-सीमा
भवन निर्माण विभाग ने 22 जून को राबड़ी देवी को अंतिम नोटिस भेजा था, जिसमें उन्हें सात दिनों के भीतर आवास खाली करने का निर्देश दिया गया था। इस नोटिस की समय-सीमा आज, 29 जून को समाप्त हो रही है। इससे पहले भी चार बार नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक बंगला खाली नहीं किया गया था। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 29 जून तक आवास खाली नहीं होने पर ‘बिहार सरकारी परिसर अधिनियम’ के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने यह बंगला मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया है, लेकिन राबड़ी देवी के कब्जे के कारण उन्हें अब तक इसका कब्जा नहीं मिल पाया है।
कहां जाएगा लालू परिवार? ये हैं 3 विकल्प
यदि 10 सर्कुलर रोड का सरकारी आवास खाली होता है, तो राबड़ी देवी के सामने फिलहाल तीन मुख्य विकल्प हैं:
- पहला विकल्प: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का 1 पोलो रोड स्थित सरकारी आवास, जहां परिवार अस्थायी रूप से रह सकता है।
- दूसरा विकल्प: सरकार द्वारा आवंटित 39 हार्डिंग रोड का नया सरकारी आवास, जिसका निर्माण कार्य अभी अधूरा है।
- तीसरा विकल्प: परिवार के दो निजी आवास (कौटिल्यनगर और महुआ बाग), जिनका निर्माण अभी भी जारी है।
नए आवास की क्या है स्थिति? आखिर क्यों नहीं हो पा रहा शिफ्ट?
सरकार ने राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया है, लेकिन वहां शिफ्ट होना संभव नहीं दिख रहा। बंगले का लगभग 70 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है। कई कमरों में पेंटिंग, पूरे परिसर की साफ-सफाई, फर्नीचर की व्यवस्था और एसी लगाने का काम बाकी है। अंदर के गेटों की पेंटिंग भी अधूरी है। लालू प्रसाद यादव के लिए तैयार किए जा रहे विशेष कमरे में भी अभी फर्नीचर और इंटीरियर का काम बाकी है। निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए 50 से अधिक मजदूर लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन इस आवास को पूरी तरह रहने लायक बनाने में अभी 7 दिनों का और समय लग सकता है।
कौटिल्यनगर स्थित लालू परिवार का निजी आवास भी अभी निर्माणाधीन है। यहां इलेक्ट्रिकल फिटिंग, इंटीरियर, फॉल्स सीलिंग, फर्नीचर और फिनिशिंग जैसे कई काम बचे हैं। इसे पूरी तरह तैयार होने में 15 से 20 दिन का समय और लग सकता है, जिससे तत्काल यहां शिफ्ट होना मुश्किल है। महुआ बाग में बन रहा परिवार का दूसरा निजी आवास भी अधूरा है, जिसमें फिनिशिंग, इंटीरियर, इलेक्ट्रिकल और अन्य कई काम बाकी हैं। जानकारी के अनुसार, इस आवास को पूरी तरह तैयार होने में तीन से चार महीने का समय लग सकता है।
राबड़ी देवी के सहायक ने भवन निर्माण विभाग को पत्र लिखकर 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास का चार्ज रजिस्टर और विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए सभी सरकारी सामानों की सूची मांगी है। पत्र में कहा गया है कि ‘आवास खाली करते समय हर सामान का सही मिलान हो सके और भविष्य में किसी तरह का विवाद या भ्रम की स्थिति पैदा न हो। साथ ही इस बात की भी आशंका न रहे कि सरकारी सामान अपने साथ ले जाया गया।’
विभाग को यह भी सूचित किया गया है कि 39 हार्डिंग रोड स्थित नए सरकारी आवास का निर्माण कार्य पूरा होने की आधिकारिक सूचना अब तक नहीं मिली है और वहां अभी भी काम चल रहा है। पत्र में यह भी बताया गया है कि नए आवंटित आवास में साफ-सफाई का काम भी पूरा बचा हुआ है। इसके बावजूद, विभाग को सूचित किया गया है कि 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास जल्द खाली कर दिया जाएगा।
आगे क्या होगा?
आज समय-सीमा समाप्त होने के बाद, भवन निर्माण विभाग ‘बिहार सरकारी परिसर अधिनियम’ के तहत कानूनी कार्रवाई कर सकता है। लालू परिवार के सामने तत्काल समाधान के तौर पर तेजस्वी यादव के आवास में अस्थायी रूप से शिफ्ट होने का विकल्प ही सबसे व्यवहार्य दिख रहा है, जब तक कि उनका नया या निजी आवास पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता।








