Darbhanga News: दरभंगा जिले के जाले स्थित इंडियन बैंक पानीटंकी मार्ग पर जलजमाव और फिसलन ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। लगातार बारिश के बाद सड़क पर जमा पानी और चिकनी मिट्टी के कारण यह रास्ता बेहद खतरनाक हो गया है। राहगीरों, बाइक और साइकिल सवारों के साथ-साथ स्कूली छात्र-छात्राएं भी आए दिन फिसलकर गिर रहे हैं, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं।
दरभंगा की सड़क बनी मौत का कुआं! हर दिन गिर रहे छात्र, जाले प्रशासन कब जागेगा?
Darbhanga News: दरभंगा जिले में सड़कों की खराब हालत अब लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। जाले नगर परिषद के वार्ड-11 स्थित इंडियन बैंक पानीटंकी मार्ग पर जलजमाव और अत्यधिक फिसलन के कारण राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के बाद यह सड़क कीचड़ से भर गई है, जिससे पैदल चलना और दोपहिया वाहनों से गुजरना बेहद मुश्किल हो गया है।






स्कूल जाते बच्चों को भी खतरा, हर दिन हो रहे हादसे
स्थानीय लोगों ने बताया कि इंडियन बैंक पानीटंकी मार्ग पर हर दिन लोग फिसलकर गिर रहे हैं। बाइक और साइकिल सवारों के साथ-साथ स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राएं भी आए दिन हादसे का शिकार हो रहे हैं, जिससे कई लोग घायल हो चुके हैं। यह मार्ग शंकर चौक पर जाम लगने की स्थिति में बाइक और साइकिल सवारों के लिए एक प्रमुख वैकल्पिक रास्ता बन जाता है, जिससे इसकी अहमियत और बढ़ जाती है। सड़क की यह दयनीय स्थिति आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रही है।
घटिया निर्माण सामग्री पर उठे सवाल, जांच की मांग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया। उन्होंने बताया कि सड़क बनाने में ‘छाई’ (ग्रेवल या बजरी) की जगह चिकनी मिट्टी का इस्तेमाल किया गया, जो बारिश होते ही कीचड़ में बदल जाती है। इसी कारण सड़क इतनी फिसलन भरी हो गई है। लोगों ने नए बने नाले की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं, जिसके कारण जलजमाव की समस्या कम नहीं हो रही है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल इस सड़क की जांच और मरम्मत की मांग की है। उनकी मांग है कि घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की गहन जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को इस जानलेवा परेशानी से मुक्ति मिल सके।
जाले की सड़क बनी मुसीबत, राहगीरों का चलना दूभर
जाले नगर परिषद के वार्ड-11 में पड़ने वाला यह मार्ग अब लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। इस सड़क पर पैदल चलना या दोपहिया वाहन से गुजरना लगभग नामुमकिन हो गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जब शंकर चौक पर जाम लगता है, तो बड़ी संख्या में बाइक और साइकिल सवार इसी मार्ग का उपयोग करते हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। फिसलन भरी कीचड़ के कारण कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें लोगों को चोटें आई हैं।
खराब निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस सड़क के निर्माण में गुणवत्ता का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा गया। उन्होंने बताया कि सड़क बनाते समय छाई (आधार सामग्री) की जगह चिकनी मिट्टी का उपयोग किया गया था। बारिश होते ही यह चिकनी मिट्टी कीचड़ में बदल जाती है, जिससे सड़क अत्यधिक फिसलन भरी हो जाती है। निर्माण कार्य में बरती गई यह लापरवाही अब आम लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है।
स्थानीय लोगों ने कहा, “सड़क निर्माण में चिकनी मिट्टी का उपयोग किया गया, जो बारिश के बाद कीचड़ में बदल जाती है। इससे सड़क इतनी फिसलन भरी हो गई है कि रोज कोई न कोई गिरकर घायल हो रहा है।”
प्रशासन से जांच और मरम्मत की मांग
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सड़क निर्माण में हुई अनियमितताओं की जांच कराने और जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कर इसे चलने लायक बनाने की अपील की है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ध्यान नहीं दिया, तो यह सड़क और भी बड़े हादसों का कारण बन सकती है।








