Lalit Narayan Mithila University: दरभंगा: दरभंगा स्थित ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। विश्वविद्यालय की विद्वत परिषद् ने ऐतिहासिक फैसले लेते हुए ‘नीतीश कुमार चेयर’ की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही कई नए स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में सैकड़ों सीटें भी बढ़ाई गई हैं, जिससे क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए द्वार खुलेंगे।
कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। यह फैसला विशेष रूप से डॉ एपीजे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान और अन्य विभागों में शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।






महिला प्रौद्योगिकी संस्थान में ‘नीतीश कुमार चेयर’ की स्थापना
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के डॉ एपीजे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान में ‘नीतीश कुमार चेयर’ की स्थापना को सर्वसम्मति से स्वीकृति मिली है। विद्वत परिषद् के सदस्य प्रो दिलीप कुमार चौधरी के प्रस्ताव पर यह निर्णय लिया गया। कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी ने इस पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़े रहे हैं, इसलिए यह चेयर महिला प्रौद्योगिकी संस्थान में स्थापित की जा रही है। उन्होंने बताया कि ‘नीतीश कुमार चेयर’ के उद्घाटन समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री को आमंत्रित करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
विश्वविद्यालय में बढ़े नए कोर्स और सीटें
विश्वविद्यालय ने छात्रों की बढ़ती मांग और रोजगारपरक शिक्षा को ध्यान में रखते हुए कई नए पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रत्येक में 30-30 सीटें स्वीकृत की गई हैं। वहीं, परास्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी और मास्टर इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) में 60-60 सीटों को हरी झंडी मिली है।
| पाठ्यक्रम का प्रकार | पाठ्यक्रम का नाम | स्वीकृत सीटें |
|---|---|---|
| 4 वर्षीय स्नातक (डॉ एपीजे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान) | इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग | 30 |
| 4 वर्षीय स्नातक (डॉ एपीजे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान) | कंप्यूटर साइंस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस | 30 |
| 4 वर्षीय स्नातक (डॉ एपीजे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान) | फैशन टेक्नोलॉजी | 30 |
| 4 वर्षीय स्नातक (डॉ एपीजे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान) | बैचलर ऑफ़ बिज़नस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) | 30 |
| परास्नातक (डॉ एपीजे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान) | बायोटेक्नोलॉजी | 60 |
| परास्नातक (डॉ एपीजे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान) | मास्टर इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) | 60 |
इन पाठ्यक्रमों की शुरुआत से छात्रों को आधुनिक क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने का मौका मिलेगा और उनके लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
8 नए विषयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों को भी स्वीकृति
बिहार लोक भवन, पटना से प्राप्त पत्र के आलोक में, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में दो वर्षीय स्नातकोत्तर (सेमेस्टर प्रथम एवं द्वितीय) के लिए आठ नए विषयों के पाठ्यक्रमों को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इन विषयों में भूगोल, प्राचीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति, वनस्पति विज्ञान, उर्दू, राजनीति विज्ञान, गृह विज्ञान, संस्कृत तथा एजुकेशन शामिल हैं। यह विस्तार छात्रों को विभिन्न अकादमिक क्षेत्रों में उच्च अध्ययन का विकल्प देगा।
कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी ने कहा, ‘चूंकि पूर्व मुख्यमंत्री इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, इस कारण ही ‘नीतीश कुमार चेयर’ की स्थापना महिला प्रौद्योगिकी संस्थान में की जा रही है। इस चेयर के उद्घाटन समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आमंत्रित करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।’
इसके अतिरिक्त, सीएम कॉलेज, दरभंगा में शिक्षाशास्त्र में स्नातकोत्तर के प्रस्तावित पठन-पाठन हेतु गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर शीघ्र ही स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया। कुलसचिव डॉ दिव्या रानी हंसना ने सभी उपस्थित सदस्यों और निर्णयों के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। इन सभी फैसलों से ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है।








