Bihar Road Projects: बिहार में सड़क संपर्क को मजबूत करने और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को जल्द ही गति मिल सकती है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बिहार की कई प्रमुख सड़क और पुल परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का आश्वासन दिया है। यह आश्वासन तब आया जब बिहार के पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र ने शुक्रवार को नई दिल्ली में संसद भवन में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस बैठक में राज्य में कनेक्टिविटी को मजबूत करने, सड़क सुरक्षा में सुधार लाने और आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्गों से संबंधित कई लंबित प्रस्तावों की समीक्षा की गई। पथ निर्माण विभाग के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और अधिकारियों को व्यवहार्य परियोजनाओं पर काम में तेजी लाने का निर्देश दिया।
कांवरिया पथ और विक्रमशिला पुल को मिली प्राथमिकता
बिहार सरकार ने हाजीपुर और मुजफ्फरपुर के बीच एनएच-22 पर 6 मीटर चौड़े कांवरिया पथ के निर्माण को मंजूरी देने का अनुरोध किया। इस पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए अधिकारियों को जल्द से जल्द विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का निर्देश दिया। इस प्रस्तावित मार्ग से प्रत्येक वर्ष सावन और भादो मेलों के दौरान सारण जिले के पहलेजा घाट से मुजफ्फरपुर के बाबा गरीब नाथ मंदिर तक जल चढ़ाने जाने वाले लाखों कांवरिया श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।






इसके साथ ही, बिहार सरकार ने एनएच-131बी पर मौजूदा विक्रमशिला सेतु के समानांतर एक अस्थायी पीपे के पुल के निर्माण के लिए तत्काल मंजूरी मांगी है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य स्थायी पुल के पुनर्निर्माण और मौजूदा बेली पुल को हटाने के दौरान निर्बाध यातायात बनाए रखना है। राज्य सरकार के अनुसार, अस्थायी पुल से यात्रियों की आवाजाही, व्यापार, कृषि और आपातकालीन सेवाओं में होने वाली बाधा को कम किया जा सकेगा।
राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण से बढ़ेगी रफ्तार
पथ निर्माण मंत्री ने केंद्र से कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में तेजी लाने का आग्रह किया है, जिनमें शामिल हैं:
- भारतमाला कार्यक्रम के तहत मुजफ्फरपुर और बरौनी के बीच एनएच-122 का चार-लेन चौड़ीकरण।
- पूर्व-पश्चिम गलियारे (एनएच-27) से कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए मुजफ्फरपुर पूर्वी बाईपास का निर्माण।
- बढ़ते यातायात और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए औरंगाबाद, ओबरा और अंबा में बाईपास सहित नौबतपुर से झारखंड सीमा तक एनएच-139 का चार-लेन चौड़ीकरण।
- बड़ियारपुर, खड़गपुर, संग्रामपुर और जमुई को जोड़ने वाले एनएच-333 का चार-लेन चौड़ीकरण, जिसमें भूमि अधिग्रहण और अंतिम परियोजना मंजूरी में तेजी लाने का अनुरोध किया गया।
- प्रधानमंत्री के बिहार पैकेज के तहत बरबीघा, शेखपुरा, जमुई, बांका और पंजवारा को जोड़ने वाली 116 किलोमीटर लंबी एनएच-333ए परियोजना के लिए शीघ्र मंजूरी।
गंगा किनारे एलिवेटेड रोड और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को मिलेगी राहत
बिहार सरकार ने हरिओ पंचायत के गांवों को निर्माणाधीन बिहपुर-फुलौत कोसी पुल से जोड़ने के लिए एक पहुंच मार्ग के निर्माण का भी अनुरोध किया। अधिकारियों ने बताया कि यह रैंप उन गांवों को साल भर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जो बाढ़ के दौरान अलग-थलग पड़ जाते हैं। इस प्रस्ताव से भागलपुर जिले के गोविंदपुर-मुशहरी और कहारपुर गांवों के निवासियों की पहुंच में सुधार होने की उम्मीद है।
चर्चा किए गए अन्य प्रमुख प्रस्तावों में हाजीपुर में पासवान चौक से बिदुपुर तक गंगा के उत्तरी तट पर एक एलिवेटेड रोड का निर्माण शामिल था। राज्य सरकार ने कहा कि यह एलिवेटेड कॉरिडोर घनी आबादी वाले क्षेत्रों में विस्थापन को कम करेगा, साथ ही कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह-लेन पुल तक कनेक्टिविटी में सुधार करेगा।
पथ निर्माण विभाग के अनुसार, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बिहार सरकार को आश्वासन दिया कि सभी प्रस्तावों की गंभीरता से जांच की जाएगी। विभाग ने बताया कि गडकरी ने व्यक्तिगत रूप से कई प्रस्तावित परियोजना स्थलों की समीक्षा के लिए बिहार आने की इच्छा भी व्यक्त की है।
पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र ने कहा कि प्रस्तावित बिहार रोड प्रोजेक्ट्स राज्य के परिवहन नेटवर्क को मजबूत करेंगे और विकसित भारत के दृष्टिकोण तथा राज्य की बुनियादी ढांचा विस्तार योजनाओं के तहत तेजी से सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान देंगे। इन परियोजनाओं को जल्द मंजूरी मिलने से राज्य के लोगों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी और आवागमन सुगम होगा।








