Bihar Ganga erosion: गंगा नदी का भीषण कटाव भागलपुर जिले के राघोपुर क्षेत्र में भयावह स्थिति पैदा कर चुका है। नदी की तेज धार से जमीन लगातार कट रही है, जिससे सैकड़ों परिवारों पर बेघर होने का संकट मंडरा रहा है। बहत्तरा, नन्हकार, छोटी अलावलपुर और शंकरपुर जैसे कई गांव इसकी चपेट में हैं। लोग अपनी आंखों के सामने अपने ही आशियानों को उजड़ते देखने को मजबूर हैं।
ग्रामीण दिन-रात एक करके अपने घरों से सामान निकाल रहे हैं। कोई छतों से खपड़े उतार रहा है, तो कोई ट्रैक्टरों पर अपनी जीवन भर की पूंजी लादकर सुरक्षित जगहों की तलाश में निकल पड़ा है। लोगों का कहना है कि कटाव अब घरों तक पहुंच गया है। अगर तुरंत सामान नहीं निकाला गया तो सब कुछ गंगा की लहरों में समा जाएगा।

गंगा की भेंट चढ़ा 100 साल पुराना चैती दुर्गा मंदिर
इस तबाही के बीच शंकरपुर गांव का एक सौ साल पुराना ऐतिहासिक चैती दुर्गा मंदिर भी गंगा की तेज धार में विलीन हो गया। दशकों पुरानी इस धार्मिक और सामाजिक धरोहर के जमींदोज होने से ग्रामीणों में गहरा दुख और भारी आक्रोश है। यह घटना बिहार में गंगा कटाव के बढ़ते खतरे को उजागर करती है।
प्रशासन की अनदेखी से गहराया संकट, पशुपालक भी परेशान
एक स्थानीय निवासी ने व्यथित होकर कहा, “गरीब परिवारों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। सड़क किनारे सामान रखने पर प्रशासन वहां से भी हटाने का दबाव बना रहा है।”
पशुपालकों के सामने अपने मवेशियों को बचाने और सुरक्षित रखने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ और कटाव के इस दोहरे दंश के कारण पूरा इलाका दहशत में जी रहा है। लोगों के पास अपने घर-बार छोड़कर पलायन करने के सिवा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। इस गंभीर स्थिति पर तत्काल ध्यान देने और प्रभावित परिवारों के लिए स्थायी समाधान खोजने की आवश्यकता है।







