Bihar Dangal: बिहार के भागलपुर जिले का नारायणपुर प्रखंड इन दिनों अपनी अनोखी दंगल प्रतियोगिता को लेकर चर्चा में है। यहां कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय दंगल प्रतियोगिता में विंबलंडन के टेनिस कोर्ट जैसा अद्भुत नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। इस आयोजन में 50 हजार से अधिक दर्शक उमड़े, लेकिन सुरक्षा के लिए एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। इसके बावजूद, पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और कोई अप्रिय घटना नहीं घटी, जो अपने आप में एक मिसाल है।
देश-विदेश के पहलवानों ने दिखाया दम
नारायणपुर के नगर पाड़ा उत्तर पंचायत में यह दंगल विगत 150 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा है। इस बार भी इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता में देश-विदेश के नामचीन पुरुष और महिला पहलवानों ने हिस्सा लिया। भारत के जम्मू कश्मीर, हरियाणा, राजस्थान, काशी, उत्तराखंड और दिल्ली जैसे राज्यों से आए पहलवानों ने अपने दांव-पेंच दिखाए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल काठमांडू से देवा थापा की बहन रूबी थापा समेत कई महिला पहलवानों ने भी इस दंगल में अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।
मेला आयोजक रणविजय यादव, प्रमुख रिंकू यादव, प्रतिनिधि मंटू यादव और ग्रामीण गुलशन यादव समेत अन्य लोगों ने मिलकर इस भव्य आयोजन को सफल बनाया। दर्शकों की इतनी भारी भीड़ के बावजूद, बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के कार्यक्रम का निर्विघ्न संपन्न होना स्थानीय लोगों के अनुशासन और आपसी समन्वय को दर्शाता है।
विंबलंडन जैसा मैदान और दर्शकों का उत्साह
दंगल प्रतियोगिता का मैदान लोगों के बीच खूब चर्चा का विषय बना रहा। खचाखच भरे ग्राउंड का दृश्य किसी को भी आश्चर्यचकित कर सकता था, क्योंकि यह विंबलंडन के टेनिस कोर्ट के मैदान से कम नहीं लग रहा था। मेला प्रबंधक ने बताया कि नारायणपुर के इस मैदान में 150 वर्ष से दंगल प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। आस-पास के कई जिलों से लोग इस प्रतियोगिता को देखने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे थे।
दर्शकों का उत्साह चरम पर था और हर दांव पर तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठती थी। इस ऐतिहासिक दंगल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पारंपरिक खेल और सामुदायिक भावना से बड़े से बड़े आयोजन को भी सफलतापूर्वक अंजाम दिया जा सकता है, भले ही औपचारिक सुरक्षा व्यवस्था न हो। यह आयोजन बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और खेल प्रेम को भी दर्शाता है।







