Supaul News: बिहार के सुपौल जिले में एक निजी मदरसे में मिठाई और समोसा खाने के बाद चार छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इस हृदय विदारक घटना में 10 वर्षीय अल्फिशा की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि अन्य छात्राएं अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। घटना सदर थाना क्षेत्र के बसबिट्टी वार्ड नंबर-19 स्थित जामियअतुस सालिहात एजुकेशनल ट्रस्ट में संचालित मदरसे की है।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी है। जिला शिक्षा विभाग ने भी जिलाधिकारी सावन कुमार के निर्देश पर अपनी पड़ताल तेज कर दी है। फिलहाल छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के पीछे की वास्तविक वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।
मिठाई-समोसे से बिगड़ी छात्राओं की तबीयत, एक की मौत
मदरसा प्रबंधन के अनुसार, इस संस्थान में करीब 60 से 65 छात्राएं आवासीय व्यवस्था के तहत रहकर पढ़ाई करती हैं। यह मदरसा पिछले लगभग दो वर्षों से संचालित है और मृत छात्रा अल्फिशा भी डेढ़ से दो साल से यहीं रह रही थी। सोमवार को अल्फिशा की मां उससे मिलने मदरसे आई थीं और मुलाकात के दौरान वह अपनी बेटी के लिए मिठाई व समोसा लेकर आई थीं।
मां के जाने के बाद इन खाद्य पदार्थों को खाने वाली चार छात्राओं, जिनमें अल्फिशा, आफिया, सहाना खातून और हलीमा सादिया शामिल थीं, की तबीयत अचानक खराब हो गई। सभी छात्राएं बेहोश हो गईं, जिसके बाद मदरसे में अफरा-तफरी मच गई। मदरसा प्रबंधन ने तत्काल सभी बीमार छात्राओं को इलाज के लिए सुपौल शहर के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया।
सदर एसडीएम मनोहर कुमार साह ने बताया, “सूचना मिलते ही एसडीपीओ और थाना प्रभारी के साथ मैं मदरसे पहुंचा। परिसर में बड़ी संख्या में छात्राएं आवासीय व्यवस्था के तहत रह रही हैं। एक छात्रा की मौत हुई है और दो से तीन अन्य छात्राओं के अलग-अलग अस्पतालों में उपचाररत होने की जानकारी मिली है।”
मदरसे की व्यवस्था पर उठे सवाल, जांच का दायरा बढ़ा
इलाज के दौरान अल्फिशा की हालत गंभीर होती चली गई और अंततः उसकी मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर परिसर का निरीक्षण किया और मदरसा संचालक व शिक्षकों से घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। सदर एसडीपीओ भी पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रहे हैं। पुलिस अब कई पहलुओं से मामले की जांच कर रही है, जिसमें छात्राओं की तबीयत बिगड़ने की वजह, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और घटना से पहले की परिस्थितियां शामिल हैं।
प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। जिला शिक्षा कार्यालय की टीम जिलाधिकारी सावन कुमार के निर्देश पर मदरसे पहुंची और संस्था से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों द्वारा यह पता लगाया जा रहा है कि मदरसे के पास छात्राओं को आवासीय रूप से रखने की अनुमति है या नहीं और क्या छात्राओं के रहने व पढ़ाई से संबंधित निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा था।
सुपौल एसपी शरथ आरएस ने बताया कि पुलिस को बसबिट्टी के एक मदरसे में छात्रा की मौत की सूचना मिली है और एक अन्य छात्रा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। उन्होंने कहा कि छात्राओं की तबीयत खराब होने की सही वजह जांच पूरी होने और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। अल्फिशा के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है, जिससे जांच और भी महत्वपूर्ण हो गई है। शिक्षा विभाग और पुलिस दोनों ही अपनी-अपनी जांच में जुटे हैं, ताकि इस घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।







