Jaley Ward 12 Road: जाले के सहसपुर पंचायत के वार्ड 12 में सड़क की बदहाली ने ग्रामीणों का जीवन दूभर कर दिया है। 23 सितंबर से लगातार हो रही बारिश के कारण यहां का मुख्य रास्ता पूरी तरह से कीचड़ में तब्दील हो गया है, जिससे रोजमर्रा का आवागमन बेहद मुश्किल हो चला है। करीब 100 से 150 घरों के लोग इस समस्या से सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।
जाले: इस वार्ड की सड़क बनी ‘नरक’, बच्चों-बुजुर्गों का निकलना दूभर; देखें तस्वीर!
Jale Road News: जाले में जाले के सहसपुर पंचायत का वार्ड 12 इन दिनों बदहाली का दंश झेल रहा है. यहां की सड़क बारिश के बाद पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गई है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है. सड़क की यह दयनीय स्थिति लोगों के लिए दैनिक चुनौती बन गई है, जहां पैदल चलना भी दूभर है.

23 सितंबर से लगातार हुई बारिश ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया है. कीचड़ भरे रास्ते के कारण सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है. ग्रामीणों के मुताबिक, आए दिन लोग फिसलकर गिर रहे हैं और बाइक के पहिए भी अक्सर रास्ते में फंस जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है.
सड़क निर्माण की वर्षों पुरानी मांग, अब तक कोई पहल नहीं
वार्ड 12 की इस सड़क से लगभग 100 से 150 घरों के लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं. इतनी बड़ी आबादी के प्रभावित होने के बावजूद, वर्षों से सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है. पहले रास्ते में मिट्टी डाली गई थी, लेकिन बारिश ने उसे भी दलदल में बदल दिया, जिससे ग्रामीणों की उम्मीदें टूट गईं.
ग्रामीण अब शीघ्र सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, ताकि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पटरी पर लौट सके. इस गंभीर समस्या पर पंचायत समिति सदस्य अन्नु झा ने संज्ञान लिया है. उन्होंने बताया कि दुर्गापूजा से पहले इस सड़क का निर्माण कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा.
अन्नु झा ने कहा, ‘दुर्गापूजा से पहले सड़क निर्माण कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।’
इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों में थोड़ी उम्मीद जगी है, लेकिन वे चाहते हैं कि यह वादा जल्द से जल्द पूरा हो, ताकि कीचड़ और परेशानियों से उन्हें मुक्ति मिल सके.
सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। कीचड़ भरे रास्ते पर पैदल चलना भी किसी चुनौती से कम नहीं है, जहां आए दिन लोग फिसलकर गिर रहे हैं। वहीं, बाइक सवारों के लिए भी यह रास्ता किसी दलदल से कम नहीं, अक्सर वाहनों के पहिए कीचड़ में फंस जाते हैं।
सड़क निर्माण की दशकों पुरानी मांग
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, यह समस्या कोई नई नहीं है। वर्षों से इस महत्वपूर्ण रास्ते के निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है। पहले सड़क पर मिट्टी डाली गई थी, लेकिन लगातार बारिश ने उसे भी दलदल में बदल दिया, जिससे स्थिति और भी बिगड़ गई। ग्रामीण अब जल्द से जल्द सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं।
दुर्गापूजा से पहले समाधान की उम्मीद
इस गंभीर समस्या पर पंचायत समिति सदस्य अन्नु झा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि वे दुर्गापूजा से पहले सड़क निर्माण कराने के लिए हर संभव प्रयास करेंगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस बार उनकी वर्षों पुरानी मांग पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और जल्द ही उन्हें कीचड़ भरे रास्ते से निजात मिलेगी।
पंचायत समिति सदस्य अन्नु झा ने दुर्गापूजा से पहले सड़क निर्माण कराने का प्रयास करने की बात कही है।
इस बदहाल सड़क के कारण न सिर्फ दैनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं। अब देखना होगा कि दुर्गापूजा से पहले इस समस्या का स्थायी समाधान निकल पाता है या नहीं।


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