Darbhanga Climate Smart Schools: 14 अक्टूबर 2026 को दरभंगा जिले के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। अब यहां के पांच विद्यालय ‘क्लाइमेट स्मार्ट स्कूल’ के मॉडल के रूप में विकसित किए जाएंगे। इस पहल से बच्चों को न केवल सुरक्षित वातावरण मिलेगा, बल्कि उन्हें पर्यावरण के प्रति जागरूक करने और हरित-स्वच्छ परिसर में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा। यह कदम मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम (MSSP) को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया गया है।
शिक्षा भवन, करमगंज में जीपीएसवीएस, यूनिसेफ और बीआईएजी के सहयोग से एक समीक्षा-सह-योजना निर्माण बैठक आयोजित की गई। इसमें नामित शिक्षकों, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ), लेखापालों और प्रत्येक प्रखंड के मास्टर ट्रेनर ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित निगरानी और तकनीकी सहायता सुनिश्चित करना था। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) कार्यालय द्वारा शीघ्र ही प्रखंडवार फोकल शिक्षकों के उन्मुखीकरण के लिए कैलेंडर जारी किया जाएगा।
दरभंगा के इन 8 स्कूलों पर होगा खास फोकस
बैठक में कुल पांच विद्यालयों को ‘क्लाइमेट स्मार्ट स्कूल’ मॉडल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, तीन अन्य विद्यालयों ने भी इस पहल में शामिल होने की इच्छा जताई है। इन विद्यालयों में किए गए प्रयासों और अनुभवों के आधार पर, दूसरे चरण में जिले के अन्य विद्यालयों में भी इस पहल का विस्तार किया जाएगा।
| श्रेणी | विद्यालय का नाम | स्थान |
|---|---|---|
| मॉडल विद्यालय | आदर्श मध्य विद्यालय | लहेरियासराय |
| मॉडल विद्यालय | प्रोजेक्ट कन्या हाई स्कूल | बैरमपुर, बिरौल |
| मॉडल विद्यालय | +2 गांधी कोसी हाई स्कूल | रसियारी, किरतपुर |
| मॉडल विद्यालय | नंद किशोर उच्च विद्यालय | हिरणी, कुशेश्वरस्थान |
| मॉडल विद्यालय | +2 उच्च माध्यमिक विद्यालय | केवटगामा, कुशेश्वरस्थान पूर्वी |
| पहल करने वाले विद्यालय | +2 जेएमएच कमतौल | कमतौल |
| पहल करने वाले विद्यालय | +2 सीनालाल उच्च विद्यालय | नदियामी, तारडीह |
| पहल करने वाले विद्यालय | एमएस पोखराम उत्तरी | बिरौल |
इन विद्यालयों का चयन बच्चों के लिए एक सुरक्षित, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल शिक्षा का वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से किया गया है।
‘क्लाइमेट स्मार्ट स्कूल’ के तीन प्रमुख अवयव क्या हैं?
बैठक में ‘क्लाइमेट स्मार्ट स्कूल’ की अवधारणा के तीन प्रमुख अवयवों पर विशेष जोर दिया गया:
- जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता एवं क्षमता संवर्धन: विद्यालय समुदाय को जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों, उनके प्रभावों और निवारण के उपायों के बारे में जागरूक और सक्षम बनाना।
- हरित एवं स्वच्छ विद्यालय: विद्यालय परिसर को स्वच्छ, पर्यावरण अनुकूल बनाना और अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देना।
- जल संरक्षण: जल के विवेकपूर्ण उपयोग, संरक्षण और संचयन के प्रति जागरूकता विकसित करना।
राज्य सलाहकार डॉ. पल्लव कुमार ने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से इन तीनों प्रमुख अवयवों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न संकटों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, विद्यालय समुदाय की क्षमता विकसित करने, जल संरक्षण तथा हरित एवं स्वच्छ विद्यालय की दिशा में प्रभावी प्रयास करने की आवश्यकता बताई।
जीपीएसवीएस-यूनिसेफ-बीआईएजी के जिला समन्वयक डॉ. श्याम कुमार सिंह ने जिले में निरंतर तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने सभी शिक्षकों से विद्यालयों को सुरक्षित स्थान के रूप में विकसित करने और बच्चों में सुरक्षित व्यवहार की आदतें विकसित करने का आह्वान किया। डॉ. सिंह ने कहा कि यह पहल सुरक्षित विद्यालय के साथ-साथ सुरक्षित समाज के निर्माण में भी योगदान देगी।
बैठक का संचालन मास्टर ट्रेनर श्री सतीश कुमार झा ने किया। इस अवसर पर संभाग प्रभारी श्री नीरज कुमार और श्री मो. मुश्ताक ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। यह पहल बिहार के स्कूलों में पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा के प्रति एक नई दिशा प्रदान करेगी।








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