Bihar Krishi Input Anudan Yojana: सितंबर के अंतिम सप्ताह में आई बाढ़ से जिन किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं, उनके लिए बिहार सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। कृषि विभाग ने बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत प्रभावित किसानों से आवेदन मांगे हैं। इस योजना के माध्यम से किसानों को प्रति हेक्टेयर 22,500 रुपये तक की सहायता राशि मिलेगी। आवेदन करने की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर निर्धारित की गई है, इसलिए पात्र किसान जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी कर लें।
कृषि विभाग ने शुरुआत में नौ जिलों के 43 प्रखंडों की 289 पंचायतों को इस योजना के दायरे में लाया है। इन क्षेत्रों के किसान फसल क्षतिपूर्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह योजना उन किसानों के लिए महत्वपूर्ण है जिनकी आजीविका बाढ़ के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई है।
किसानों को कितनी मिलेगी आर्थिक मदद?
कृषि इनपुट अनुदान की राशि फसल के प्रकार और खेत में सिंचाई की सुविधा के आधार पर तय की गई है। असिंचित जमीन पर फसल के नुकसान पर प्रति हेक्टेयर 8,500 रुपये का अनुदान मिलेगा। वहीं, सिंचित जमीन के लिए यह राशि प्रति हेक्टेयर 17,000 रुपये है।
गन्ने सहित अन्य शाश्वत और बहुवर्षीय फसलों को हुए नुकसान के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर 22,500 रुपये की दर से अनुदान दिया जाएगा। एक किसान को अधिकतम दो हेक्टेयर जमीन के लिए ही सहायता प्रदान की जाएगी।
न्यूनतम सहायता राशि भी तय
इस योजना में न्यूनतम सहायता राशि भी निर्धारित की गई है ताकि छोटे से छोटे नुकसान के लिए भी किसानों को लाभ मिल सके। असिंचित खेत के लिए न्यूनतम 1,000 रुपये, सिंचित खेत के लिए 2,000 रुपये और शाश्वत व बहुवर्षीय फसलों के लिए 2,500 रुपये का अनुदान तय किया गया है।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस संबंध में बताया कि बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि फसल के नुकसान की भरपाई के लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना के माध्यम से आर्थिक मदद पहुंचाई जा रही है।
इन 9 जिलों के किसान कर सकते हैं आवेदन
इस योजना का लाभ दरभंगा, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, वैशाली, सारण, कटिहार और पटना जिले के उन चुने गए प्रखंडों और पंचायतों के पात्र किसानों को मिलेगा, जिनकी सूची डीबीटी कृषि पोर्टल पर उपलब्ध है। रैयत और गैर-रैयत, दोनों तरह के किसान इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। किसान परिवार में पति, पत्नी और अवयस्क बच्चों को शामिल माना जाएगा।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज और प्रक्रिया
आवेदन करते समय आधार का सत्यापन और परिवार का पूरा विवरण देना अनिवार्य है। परिवार के विवरण में किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर आवेदन रद्द किया जा सकता है।
- रैयत किसानों के लिए: उन्हें जमीन से जुड़ा अद्यतन भूमि कब्जा प्रमाणपत्र (एलपीसी) प्रस्तुत करना होगा। इसके विकल्प के तौर पर वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 या 2025-26 की एलपीसी अथवा लगान रसीद भी मान्य होगी।
- गैर-रैयत किसानों के लिए: इन्हें एक स्वघोषणा प्रमाणपत्र देना होगा। इस प्रमाणपत्र को वार्ड सदस्य, मुखिया या सरपंच और कृषि समन्वयक से प्रमाणित कराना आवश्यक है। इसका निर्धारित प्रारूप डीबीटी कृषि पोर्टल पर उपलब्ध है।
आवेदन करने के लिए 13 अंकों की किसान पंजीकरण संख्या अनिवार्य है। किसान बिहार कृषि विभाग की वेबसाइट https://state.bihar.gov.in/krishi/CitizenHome.html पर दिए गए लिंक या डीबीटी कृषि पोर्टल https://dbtagriculture.bihar.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
योजना से संबंधित किसी भी जानकारी या आवेदन में मदद के लिए किसान कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 18001801551 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, किसान अपने संबंधित जिला कृषि पदाधिकारी से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 25 अक्टूबर की अंतिम तिथि को ध्यान में रखते हुए, पात्र किसानों को सलाह दी जाती है कि वे बिना देर किए आवेदन प्रक्रिया पूरी करें ताकि उन्हें समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।







