Bihar Nepal Border: पड़ोसी देश नेपाल ने भारतीय सब्जियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस फैसले के बाद बिहार के सीमावर्ती जिलों में रहने वाले किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। शनिवार को मधुबनी जिले के जयनगर में आक्रोशित किसानों ने भारत-नेपाल सीमा को घंटों तक बंद कर दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
नेपाल सरकार के इस नए नियम से दोनों देशों के बीच सदियों पुराने ‘बेटी-रोटी’ के रिश्ते पर गहरा असर पड़ रहा है। भारतीय किसान संगठन इस फैसले को अपने हितों के खिलाफ बता रहे हैं और तत्काल इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
नेपाल के फैसले से किसानों में आक्रोश, ‘बेटी-रोटी’ के रिश्ते पर संकट
नेपाल सरकार के ताज़ा फरमान ने सीमावर्ती भारतीय किसानों की आजीविका पर सीधा हमला किया है। जयनगर के किसानों का कहना है कि वे दशकों से अपनी सब्जियां नेपाल के बाजारों में बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते आए हैं। अचानक लगाए गए इस प्रतिबंध से उनकी आर्थिक स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित होगी।
शनिवार को किसानों ने एकजुट होकर सीमा पर प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर नारे लगाए और नेपाल सरकार से इस जनविरोधी फैसले को तुरंत रद्द करने की अपील की। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी बात नहीं सुनी जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
भारत-नेपाल सीमा पर तनाव, व्यापारिक संबंध भी प्रभावित
मधुबनी के जयनगर में किसानों के इस प्रदर्शन से भारत-नेपाल सीमा पर तनाव का माहौल बन गया है। भारतीय सब्जियों पर प्रतिबंध लगाने का नेपाल का यह कदम सिर्फ किसानों को ही नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच के व्यापारिक संबंधों को भी प्रभावित कर रहा है। दशकों से चले आ रहे सहज व्यापार को इस तरह अचानक रोकना कई सवाल खड़े करता है।
सीमा पर मौजूद अधिकारियों ने किसानों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में नई खटास आने की आशंका जताई जा रही है। अब देखना होगा कि नेपाल सरकार किसानों के इस विरोध पर क्या रुख अपनाती है और इस गतिरोध को कैसे सुलझाया जाता है।

















