US Midterm Elections: वाशिंगटन से मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिकी मतदाताओं ने मध्यावधि चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बड़ा झटका दिया है। मतगणना के नतीजे बेहद चौंकाने वाले रहे हैं, जहां डेमोक्रेट्स ने अमेरिकी संसद (कांग्रेस) पर एक बार फिर नियंत्रण हासिल कर लिया है। यह खबर 04 नवंबर को सामने आई। जब सोशल मीडिया पर ट्रंप को उठाकर कुड़ेदान में फेंकने का वीडियो वायरल है।

रिपोर्ट के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) की कुल 425 सीटों में से 224 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, रिपब्लिकन पार्टी को केवल 129 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। डेमोक्रेट्स ने बहुमत के लिए आवश्यक 218 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया है, जबकि अधिकांश शेष सीटों पर भी उनके उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं।
कांग्रेस में डेमोक्रेट्स की धमाकेदार वापसी
अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट्स की वापसी ने डोनाल्ड ट्रंप के शेष दो साल के कार्यकाल को प्रभावित करने की क्षमता बढ़ा दी है। यह जीत डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक लाभ मानी जा रही है, जो अब राष्ट्रपति के निर्णयों पर लगाम लगा सकेगी।
सीनेट और गवर्नर पदों के नतीजे
सीएनएन और सीबीएस न्यूज चैनल की चुनाव डेस्क से प्रसारित समाचारों में बताया गया है कि 100 सदस्यीय सीनेट (उच्च सदन) की 35 सीटों और 36 गवर्नर के पदों के नतीजे भी आ रहे हैं। इनमें से 33 सीटों पर नियमित रूप से 6 साल के कार्यकाल के लिए मतदान हुआ था। बाकी की दो सीटें, ओहायो और फ्लोरिडा, विशेष चुनाव के तहत थीं। इन सीटों के खाली होने का कारण जेडी वेंस का उपराष्ट्रपति बनना और मार्को रुबियो का विदेश मंत्री बनना बताया गया था। अमेरिकी सीनेट के केवल एक-तिहाई सदस्यों के लिए ही हर दो साल में चुनाव कराए जाते हैं, इसलिए सीनेट की शेष 65 सीटों पर इस बार चुनाव नहीं हुआ।
डेमोक्रेटिक पार्टी ने रिपब्लिकन गढ़ माने जाने वाले कई राज्यों में भी जीत हासिल की है, जिससे उन्हें सात सीटों का फायदा हुआ। सदन में उनकी संख्या बढ़कर 53 हो गई है, जबकि रिपब्लिकन पार्टी की सीटें घटकर 42 रह गई हैं। दोनों समाचार चैनलों की रिपोर्ट के अनुसार, डेमोक्रेट्स ने उन क्षेत्रों में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया, जहां दो साल पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने आसानी से जीत हासिल की थी।
ट्रंप की प्रतिक्रिया: हार को व्यक्तिगत झटका नहीं मानते
डेमोक्रेट्स ने हाउस और सीनेट दोनों पर शानदार और ऐतिहासिक जीत हासिल की है, जिससे उन्हें ट्रंप के कार्यकाल के आखिरी दो सालों में उन पर लगाम लगाने के लिए काफी ताकत मिल गई है। नतीजों के बाद, डोनाल्ड ट्रंप ने ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ से कहा कि वह इन परिणामों को स्वीकार करते हैं। इससे उन सवालों पर विराम लग गया कि क्या वे नतीजों को चुनौती देंगे।
ट्रंप ने ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ से कहा, ‘मैं नतीजों को स्वीकार करता हूं।’
फॉक्स न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने यह भी कहा कि वे रिपब्लिकन पार्टी की इस पराजय को अपने ऊपर लगे व्यक्तिगत झटके के तौर पर नहीं देखते हैं। यह चुनाव परिणाम अमेरिकी राजनीति में एक नए समीकरण की शुरुआत का संकेत है, जहां राष्ट्रपति को अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने में अब अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी को बड़ा झटका लगा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ऐतिहासिक जीत की तरफ अग्रसर है। सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी बुरी तरह से हारती दिख रही है।
अब सवाल उठता है कि दोनों सदनों में करारी हार के बाद क्या डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देना पड़ेगा? उनकी ताकत पर इन चुनाव नतीजों का क्या असर पड़ेगा। आइये आसान भाषा में समझते हैं…
अमेरिका की संसद को कांग्रेस कहा जाता है। इसके उच्च सदन को सीनेट और निम्न सदन को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स कहते हैं। मिडटर्म चुनाव का संबंध कांग्रेस चुनाव से है। यह चुनाव राष्ट्रपति इलेक्शन से अलग होते हैं।
मिडटर्म इलेक्शन के माध्यम से अमेरिका की जनता अपने सांसदों को चुनती हैं। पिछले 8 दशक में 90 फीसद मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति की पार्टी को हाउस में हार का ही सामना करना पड़ा।








You must be logged in to post a comment.