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‘कपड़ों पर गोली के निशान नहीं, यह फर्जी एनकाउंटर’: पप्पू यादव ने पटना पुलिस पर उठाए गंभीर सवाल | कहा – एक बार में सूची जारी कर दो

Bihar Police Encounter: पूर्णिया सांसद ने पटना पुलिस की कार्रवाई को बताया सुनियोजित साजिश, हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश से जांच की मांग; कहा- निर्दोष को अपराधी बताने की छूट नहीं।

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Bihar Police Encounter: बिहार में पुलिस एनकाउंटर को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने पटना के मनेर में नवंबर 2026 में हुए Bihar पुलिस एनकाउंटर को ‘फर्जी’ और ‘सुनियोजित साजिश’ करार दिया है। इस मुठभेड़ में तीन अपराधी मारे गए थे, लेकिन पप्पू यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

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हम बिहार सरकार से कहेंगे कि एक बार ही हर समाज के अपराधियों की सूची जारी कर दीजिए, ताकि किसी आम आदमी को अपराधी बताकर एनकाउंटर न किया जाए।

आखिर कानून पुलिस को कौन-सा अधिकार देता है कि एनकाउंटर में कमर से ऊपर 7 से 11 गोलियां मारी जाएं?

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6 नवंबर 2026 को पटना के मनेर (शेरपुर) में हुई इस मुठभेड़ में जेपी यादव, बबलू कुमार और राजा शर्मा नामक तीन अपराधी मारे गए थे। पुलिस का दावा था कि ये सभी पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार उर्फ भोलू हत्याकांड के मुख्य आरोपी थे। हालांकि, सांसद पप्पू यादव ने इस पूरे मामले को एक सुनियोजित साजिश बताते हुए पुलिस के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।

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पप्पू यादव ने उठाए गंभीर सवाल

पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा कि मृतकों को दर्जन भर गोली लगने के बावजूद उनके कपड़ों में छेद नहीं मिले और न ही खून के निशान दिखे। यह तथ्य पटना पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर संदेह पैदा करता है। उन्होंने इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मनेर हत्याकांड पूरी तरह कॉन्सपिरेसी की ओर इशारा करता है। दानापुर में भू-माफिया, अपराधियों और पुलिस की मिलीभगत से इस घटना को अंजाम दिया। बाद में वाहवाही लूटने के लिए पुलिस इसे एनकाउंटर का नाम दे रही है।

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सांसद ने मुठभेड़ में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात की और सरकार तथा पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने मनेर के थानाध्यक्ष (SHO) की कॉल डिटेल्स की जांच करवाने की मांग भी की है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।

हाईकोर्ट से जांच की मांग और कोर्ट जाने की चेतावनी

पप्पू यादव ने जोर देकर कहा कि इस पूरे मामले की जांच पटना हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश से कराई जानी चाहिए, जिससे ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और अपने स्वाभिमान से कोई समझौता नहीं करेंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को अपराधी बताकर एनकाउंटर करने की छूट नहीं दी जा सकती। पप्पू यादव के इन गंभीर आरोपों ने पटना पुलिस और बिहार सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है, जिससे इस एनकाउंटर की सच्चाई पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि उनकी मांगों पर क्या कार्रवाई होती है।

पटना पुलिस के एनकाउंटर पर बवाल! परिजनों के 5 बड़े सवाल, क्या हुआ फर्जी मुठभेड़?

Patna Police Encounter: शुक्रवार सुबह पटना में हुए कथित ट्रिपल एनकाउंटर के बाद पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार हत्याकांड में संलिप्तता के आरोप में मारे गए तीन बदमाशों के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई को ‘फर्जी मुठभेड़’ करार दिया है। इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया है, और अब पटना पुलिस की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।

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मारे गए आरोपितों के परिवारवालों ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है कि पुलिस ने बेवजह उनके बेटों को निशाना बनाया, जिनका हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं था। परिजनों के विरोध और लगातार उठते सवालों के बाद, पटना पुलिस के वरीय अधिकारियों ने पूरे मामले की दोबारा जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। गांव के लोगों ने भी पुलिस की कार्रवाई पर संदेह जताते हुए प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

एनकाउंटर पर परिजनों के गंभीर सवाल: पुलिस की कार्रवाई पर संदेह

इस पूरे घटनाक्रम में जेपी यादव की पत्नी ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पुलिस से पूछा है कि उनके पति को पंजाब से पटना किसने बुलाया था, और पुलिस को यह जानकारी कैसे मिली कि उनके पति पंजाब से लौट रहे हैं? पत्नी का कहना है कि उनके पति के खिलाफ पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार हत्याकांड में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं थी, ऐसे में पुलिस ने उन्हें किस आधार पर अपराधी मानकर एनकाउंटर कर दिया? परिजनों ने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

जेपी यादव की पत्नी ने सवाल उठाया, ‘पुलिस को पहले यह जांच करनी चाहिए कि उनके पति को पंजाब से पटना किसने बुलाया था। पुलिस को यह भी प्रमाण के साथ बताना चाहिए कि मेरे पति की पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार हत्याकांड में क्या भूमिका थी?’

जेपी यादव के भाई राम आशीष यादव ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार रात करीब 11 बजे उनकी अपने भाई से फोन पर बात हुई थी, जिसमें जेपी यादव ने अपने ससुर की तबीयत खराब होने के कारण उनसे मिलने जाने की बात कही थी। इसके कुछ ही समय बाद परिवार को उनके एनकाउंटर की सूचना मिली। राम आशीष ने गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों पर साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हीं लोगों ने पुलिस के सामने उनके भाई का नाम इस हत्याकांड में शामिल करवाया।

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पुलिस का दावा, परिवार का इनकार: हत्याकांड में भूमिका पर विवाद

एक ओर जहां परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने मारे गए तीनों आरोपितों की आपराधिक हिस्ट्री जारी की है। एसएसपी का दावा है कि बबलू कुमार और सूरज कुमार ने पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार हत्याकांड में शूटर की भूमिका निभाई थी, जबकि जेपी यादव इस पूरी वारदात का मुख्य साजिशकर्ता था।

हालांकि, जेपी यादव के परिजनों ने एसएसपी के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका आरोप है कि वार्ड पार्षद के दबाव में पुलिस अधिकारियों ने जेपी यादव को पंजाब से पटना बुलवाया और फिर उनका एनकाउंटर कर दिया। ग्रामीणों का भी दावा है कि जेपी यादव को चलती ट्रेन से उतारकर गोली मारी गई, जो फर्जी एनकाउंटर का संकेत देता है।

जांच और कार्रवाई की मांग: अब सबकी नजरें नतीजों पर

इस घटना के बाद मृतकों के परिजनों के साथ-साथ गांव के लोगों में भी भारी आक्रोश है। सभी निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। दानापुर के एएसपी ने इस पूरे मामले पर कहा है कि पुलिस घटना की जांच कर रही है और जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, Patna Police Encounter को लेकर पुलिस के दावे और परिजनों के आरोपों के बीच कई अनसुलझे सवाल खड़े हैं। पुलिस तीनों को पैक्स अध्यक्ष हत्याकांड का आरोपी बता रही है, जबकि परिजन उनकी संलिप्तता से इनकार कर रहे हैं। ऐसे में अब इस पूरे मामले की जांच के नतीजों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो सके।

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