Bihar Food Safety: राज्य में आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की खाद्य संरक्षा इकाई सक्रिय हो गई है। हाल ही में बिहार के मोतिहारी, पटना और गया जिलों में बड़े पैमाने पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई के दौरान मोतिहारी में लाखों रुपये के खाद्य पदार्थ जब्त किए गए और कुछ को नष्ट भी किया गया, वहीं पटना और गया के कई प्रतिष्ठानों को सुधार के लिए नोटिस जारी हुए हैं।

खाद्य सुरक्षा इकाई ने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं कि खाद्य प्रतिष्ठान स्वच्छता और निर्धारित मानकों का पालन करें। यह अभियान उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता तथा जवाबदेही को मजबूत करने पर केंद्रित है।
मोतिहारी में 3.62 लाख के खाद्य पदार्थ जब्त, 78 हजार का माल नष्ट
मोतिहारी में खाद्य संरक्षा टीम ने तीन प्रमुख प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। पानी टंकी मेन रोड स्थित मेसर्स अन्नपूर्णा पिज्जा हट, बेलही देवी मंदिर के पास स्थित मेसर्स माँ अन्नपूर्णा स्वीट्स, बेकरी एंड स्नैक्स और गाजा चौक स्थित मेसर्स वैष्णो ट्रेडर्स की जांच की गई। इन छापों में कुल 3,62,640 रुपये मूल्य के 3,120 किलोग्राम खाद्य पदार्थ जब्त किए गए। इसके अतिरिक्त, 78,300 रुपये मूल्य के 170 किलोग्राम खाद्य पदार्थ मौके पर ही नष्ट कर दिए गए। गुणवत्ता जांच के लिए खोवा, काजू, सोनपापड़ी, बर्फी, मिल्क केक और किशमिश के छह नमूने भी लेकर खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
माँ अन्नपूर्णा स्वीट्स, बेकरी एंड स्नैक्स को साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश के साथ दो दिनों के लिए बंद भी किया गया।
मोतिहारी में जब्त और नष्ट किए गए खाद्य पदार्थ का विवरण:
खाद्य पदार्थ मात्रा (किलोग्राम) मूल्य (रुपये) स्थिति खोवा 130 78,000 जब्त मिल्क केक एवं डोडा 2,692 2,53,200 जब्त सोनपापड़ी 94 10,340 जब्त शाही लड्डू 100 9,000 जब्त स्पेशल बर्फी 90 7,200 जब्त पेड़ा 4 400 जब्त किशमिश 10 4,500 जब्त बेसन 60 6,300 नष्ट खोवा 40 40,000 नष्ट मिल्क केक 70 32,000 नष्ट इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि खाद्य सुरक्षा इकाई मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए प्रतिबद्ध है और जब्त व नष्ट किए गए माल की बड़ी मात्रा जनहित में की गई कार्रवाई को दर्शाती है।
पटना और गया में प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस
राजधानी पटना में गांधी मैदान के पूर्वी भाग स्थित रीजेंट सिनेमा के पास मेसर्स गोकुल प्रतिष्ठान की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान, प्रतिष्ठान के कर्मियों की चिकित्सा जांच रिपोर्ट, पानी की जांच रिपोर्ट, पेस्ट टेस्टिंग रिपोर्ट और FoSTaC प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिले। प्रतिष्ठान से बेसन के लड्डू का एक नमूना भी जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। पाई गई कमियों को दूर करने के लिए मेसर्स गोकुल को 14 दिनों का सुधार नोटिस दिया गया है। यदि 15वें दिन तक अनुपालन का प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया, तो प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित और फिर रद्द किया जा सकता है।
गया जिले के रामपुर क्षेत्र में स्थित प्रहलाद स्वीट्स पर भी खाद्य संरक्षा इकाई ने छापेमारी की। यहां कच्चे माल के भंडारण के लिए अलग कक्ष नहीं पाया गया। कच्ची सामग्री और तैयार खाद्य पदार्थ अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे मिले। इसके अलावा, खाद्य पदार्थों के रखरखाव और तैयारी में लगे कर्मियों द्वारा कैप और दस्तानों का उपयोग नहीं किया जा रहा था। तैयार खाद्य पदार्थों को उचित तापमान पर रखने की व्यवस्था में भी कमी पाई गई। कीट नियंत्रण रिपोर्ट, पानी की जांच रिपोर्ट, कर्मियों की चिकित्सकीय जांच रिपोर्ट और पैकेजिंग सामग्री के खाद्य उपयोग के योग्य होने से संबंधित प्रमाण भी उपलब्ध नहीं थे। प्रतिष्ठान संचालक को सात दिनों के भीतर इन सभी कमियों को दूर करने और आवश्यक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा प्राथमिकता
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस तरह की जांच और कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा करना है। खाद्य प्रतिष्ठानों में गुणवत्ता, स्वच्छता और जवाबदेही सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच और प्रतिष्ठानों में पाई गई कमियों का समय पर निराकरण करके ही सुरक्षित खाद्य व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकता है। विभाग आम लोगों तक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है।







