केवटी, देशज टाइम्स ब्यूरो। बाल विकास परियोजना कार्यालय केवटी – रनवे में तैनात महिला पर्यवेक्षिका पचीस वर्षीय प्रीति प्रिया नहीं रहीं। उनका निधन गुरूवार की रात इलाज के दौरान दरभंगा के एक निजी अस्पताल में हो गया। वह पिछले करीब पंद्रह दिनों से बीमार चल रही थीं। जाले प्रखंड के राढी गांव निवासी कैलाश प्रसाद महतो के तीन पुत्री व एक पुत्र चार संतानों में प्रीति प्रिया सबसे छोटी पुत्री थी। उनके असामयिक निधन का खबर सुनते ही बाल विकास परियोजना कार्यालय कर्मियों व आंगनवाड़ी सेविका-सहायिकाओं व शुभ चिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं मां सुरेखा देवी का रो – रो कर बुरा हाल है। इधर, निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर का शुक्रवार को दरभंगा शहर के सती स्थान श्मशान में अंतिम संस्कार किया गया जहां परिजनों के अलावा बड़ी संख्या में मौजूद सेविकाओं व सहायिकाओं तथा कार्यालय के कमिॅयों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
मुखाग्नि भाई कुमार सौरभ ने दी। मर्माहत कर्मियों व सेविका- सहायिकाओं व शुभ चिंतकों ने उनके निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए इसे कार्यालय के लिए अपूरणीय क्षति बताया। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें व परिजनों को इस दुख की घड़ी में सहन शक्ति दें। प्रभारी सीडीपीओ कुमारी सुरभि ने एल एस प्रीति प्रिया के असामयिक निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए इसे कार्यालय व विभाग के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस दुख की घड़ी में सहन शक्ति दें। इधर, एल एस राजश्री, तनवीर फातमा, गुड़िया कुमारी, राघा कुमारी के अलावे सेविका- सहायिका संघ की अध्यक्ष संगीता देवी, संरक्षक डॉ.विनोद कुमार सिंह, धर्मेंद्र चौरसिया, एकरामुल हक, रामकरण यादव, रवि कुमार, भोला कुमार, नीलांबर प्रसाद, अवघेश दास, जफर अली अंजूम, प्रदीप कुमार पंकज सहित कई ने उनके असामयिक पर गहरा शोक प्रगट किया है।








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