राहुल कुमार सिंह केवटी, देशज टाइम्स ब्यूरो। आशा संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सीएचसी केवटी रनवे के मुख्य दरवाजे पर एक सप्ताह से जारी प्रदर्शन के बाद सोमवार को आशा उमा देवी के नेतृत्व में रैली निकाली। दर्जनों आशा, ममता कोरियरों ने बारह सूत्री मांगों के समर्थन में रैली निकालकर मुख्यालय केवटी चौक, रनवे चौक पर पहुंचकर फिर लौटकर सीएचसी पहुंची। दस दिनों से आंदोलन कर रहे कार्यकर्ताओं ने जमकर सरकार विरोधी नारेबाजी कर अपने गुस्से का इजहार किया। आशा, ममता कुरियरों ने मुख्य मांगों पर जोर देते कहा कि सरकार चौदह वर्षों से हमलोगों को प्रोत्साहन पर कार्य ले रही है। अब सरकारी सेवक धोषित कर सभी सुविधा बहाल करे।वहीं रैली लौटकर सीएचसी पहुचकर सभा में बदल गई।
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इस अवसर पर लक्ष्मण कुमार शाही की अध्यक्षता में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए बिहार चिकित्सा व जनस्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष रामतपेश्वर यादव ने कहा कि आशा, ममता, कुरियरों को प्रोत्साहन भत्ता पर अब तक सरकार कार्य ले रही है।सरकार की दोहरी नीति अब नहीं चलेगी जब तक सरकार आशा संघर्ष मोर्चा के बारह सूत्री मांगों को नहीं मानेगी तब तक आंदोलन चलता रहेगा। स्वास्थ्य विभाग के जमीन से जुड़े इन कार्यकर्ताओं को मानदेय नहीं सरकारी सेवक घोषित कर वेतनमान लागू करने सहित अन्य सुविधाओं देना होगा। वहीं, उमा देवी ने कहा कि आशा, ममता, कुरियरों ने काफी समय प्रोत्साहन पर कार्य किया है। अब मंहगाई के समय मंजूर नहीं है। सरकार को हमारी मांगो पर विचार करते हुए वार्ता कर सरकारी सेवक घोषित कर सभी सुविधा बहाल करनी चाहिए। हम के वरीय जिला उपाध्यक्ष रमण कुमार मिश्रा ने कहा कि नारी शक्ति को सरकार नजर अंदाज कर भारी भूल कर रही है।आशा, ममता, कुरियरो की मांग पर सरकार को सम्मानजनक वार्ता कर आंदोलन को समाप्त कराना चाहिए।








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