
आकिल हुसैन मधुबनी देशज टाइम्स ब्यूरो। झंझारपुर एसडीएम अंशुल अग्रवाल ने मंगलवार को स्थानीय दो फर्जी निजी नर्सिंग होम का औचक निरीक्षण किया। इसमें आयुष नर्सिंग होम व जीवन ज्योति चिकित्सालय नामक निजी नर्सिंग होम शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, सीएस की ओर से जांच में पहले ही इन दोनों नर्सिंग होम को अवैध घोषित कर दिया गया था लेकिन इसके बावजूद इसका संचालन किया जा रहा था। जैसे ही एसडीएम आयुष नर्सिंग होम पहुंचे तभी वहां का दरवाजा बंद कर नर्सिंग होम में कार्यरत सभी लोग भागने लगे। तभी वहां मौजूद गार्ड ने उन्हें रोका। निरीक्षण में आयुष नर्सिंग होम में आधे दर्जन से भी अधिक महिला मरीज भर्ती पाए गए। इनमें अधिकांश का सिजेरियन से प्रसव कराया गया था। वहीं जीवन ज्योति चिकित्सालय में सिजेरियन से प्रसव कराए गए पांच महिला मरीज भर्ती मिले। उनका भी सिजेरियन से प्रसव कराया गया था।

वहां मौजूद डॉ. एस के दास से एसडीएम ने पूछताछ की। दोनों नर्सिंग होम के ऑपरेशन थिएटर मरीज वार्ड सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वार्ड में भर्ती मरीजों का बयान कलमबद्ध करवाया। दोनों नर्सिंग होमों पर ऑपरेशन करने वाले सर्जन एमबीबीएस डॉक्टर, कुशल परिचारिका व स्वास्थ्य कर्मी नहीं मिले। जानकारी के अनुसार, ये दोनों ऐसे नर्सिंग होम हैं जिसका निबंधन सिविल सर्जन की ओर से गत तीस अक्टूबर को ही रद्द कर दिया गया था। बावजूद, उक्त दोनों नर्सिंग होम एसडीएम के औचक निरीक्षण में मंगलवार को खुला पाया गया। एसडीएम अंशुल अग्रवाल ने बताया कि सिविल सर्जन की ओर से निबंधन रद किए जाने के बावजूद भी नर्सिंग होमों का संचालन करने वालों पर शीघ्र ही विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।








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