Bihar Police Driver: शुक्रवार को पटना की सड़कों पर बिहार पुलिस चालक भर्ती के अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए आगे बढ़े, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें गांधी मैदान के गेट नंबर 10 के पास ही रोक दिया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया। युवाओं का यह विरोध चालक सिपाही भर्ती प्रक्रिया में 1200 से अधिक महिला कोटे की सीटें खाली रह जाने को लेकर है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद ये महत्वपूर्ण पद अब तक बिना भरे छोड़ दिए गए हैं। उनकी मुख्य मांग है कि इन खाली पड़ी सीटों को योग्य पुरुष उम्मीदवारों से भरा जाए। इससे वर्षों से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को एक बड़ा अवसर मिल सकेगा और उनकी उम्मीदें पूरी हो पाएंगी।
1200 से ज्यादा सीटें खाली, क्यों भड़के Bihar Police Driver अभ्यर्थी?
बिहार पुलिस चालक भर्ती प्रक्रिया में 1200 से अधिक महिला कोटे की सीटें रिक्त पड़ी हैं। प्रदर्शनकारी युवाओं का तर्क है कि जब इन पदों के लिए योग्य उम्मीदवार उपलब्ध हैं, तो सीटों को खाली छोड़ना किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं है। इस फैसले को लेकर युवाओं में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। वे लगातार सरकार से इन सीटों को जल्द से जल्द भरने की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों ने साफ कहा, ‘भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद ये पद बिना भरे छोड़ दिए गए हैं। हमारी मांग है कि इन खाली सीटों को योग्य पुरुष उम्मीदवारों से भरा जाए, ताकि वर्षों से तैयारी कर रहे युवाओं को अवसर मिल सके।’
सीएम आवास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई
मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर रखे थे। गांधी मैदान के पास बैरिकेडिंग लगाकर सभी अभ्यर्थियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया। इसके बाद, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उन्हें नजदीकी पुलिस केंद्र भेज दिया।
अधिकारियों ने बताया, ‘बिना अनुमति के प्रतिबंधित क्षेत्र और मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक थी।’
पुलिस ने क्षेत्र में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अतिरिक्त बल भी तैनात कर दिया है। अब देखना यह होगा कि सरकार और प्रशासन इन खाली पड़ी सीटों और युवाओं की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं। युवा वर्ग इन खाली पदों पर जल्द नियुक्ति की उम्मीद लगाए बैठा है।







