Bihar Constable Exam Scam: वर्ष 2023 की बिहार सिपाही भर्ती लिखित परीक्षा में हुए बड़े फर्जीवाड़े को लेकर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने अहम कार्रवाई की है। इस मामले में मुख्य सेटर की भूमिका निभाने वाले श्रवण कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। नालंदा के एक परीक्षा केंद्र से जुड़े इस व्यक्ति की गिरफ्तारी से कई अहम खुलासे हुए हैं, जिसके बाद जांच एजेंसी अपनी पड़ताल तेज कर दी है।
पकड़ा गया श्रवण कुमार पटना जिले के सिगोड़ी थाना अंतर्गत हादीनगर गांव का रहने वाला है। इसी फर्जीवाड़े के कारण सिपाही बहाली 2023 की लिखित परीक्षा को रद्द करना पड़ा था, जिससे हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया था। EOU की पूछताछ में श्रवण ने परीक्षा में धांधली के कई राज उगले हैं।
9 लाख में होता था पास कराने का ‘खेल’, नीरज की तलाश तेज
EOU से मिली जानकारी के अनुसार, श्रवण कुमार ने अपने परिचित सेटर नीरज के साथ मिलकर धनंजय नामक परीक्षार्थी को परीक्षा पास कराने के लिए नौ लाख रुपये में डील की थी। यह खुलासा जांच एजेंसी के लिए बड़ी सफलता है। धनंजय को बिहारशरीफ के आवासीय मॉडल मध्य विद्यालय भैंसासुर में तीन साल पहले परीक्षा के दौरान ही गिरफ्तार किया गया था।
इस मामले से संबंधित केस नालंदा के लहेरी थाने में दर्ज है, जिसकी जांच EOU कर रही है। इस पूरे नेटवर्क में नीरज की भूमिका अहम बताई जा रही है, जिसकी तलाश में EOU की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
स्कॉलर की जगह ब्लूटूथ से पास कराने की थी तैयारी
गिरफ्तार सेटर श्रवण ने जांच अधिकारियों के सामने स्वीकार किया है कि उसने धनंजय कुमार को लिखित परीक्षा में पास कराने के लिए नौ लाख रुपये में सौदा किया था। शुरुआती योजना के तहत, धनंजय की जगह किसी दूसरे ‘स्कॉलर’ को परीक्षा में बैठाया जाना था। इसके लिए धनंजय के प्रवेश पत्र पर स्कॉलर के चेहरे से मिलती-जुलती फोटो भी लगवाई गई थी।
हालांकि, अंतिम समय में स्कॉलर किसी और जगह परीक्षा देने चला गया। इसके बाद, सेटर द्वारा दिए गए ब्लूटूथ डिवाइस के सहारे धनंजय खुद परीक्षा देने पहुंचा और मौके पर ही पकड़ा गया। श्रवण ने बताया कि उसने धनंजय से अपने मोबाइल के फोन-पे पर 20 हजार रुपये लिए थे, जिसमें से कुछ रकम उसने नीरज को दी और बाकी अपने पास रख ली। धनंजय को ब्लूटूथ डिवाइस भी नीरज के जरिए ही उपलब्ध कराया गया था।
गिरफ्तार सेटर श्रवण कुमार ने स्वीकार किया कि धनंजय कुमार को लिखित परीक्षा में पास कराने के लिए नौ लाख रुपये में डील की थी। परीक्षा में धनंजय की जगह किसी दूसरे स्कॉलर को बिठाया जाना था।
इस बड़े फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड नीरज और अन्य ‘स्कॉलरों’ की तलाश अभी भी जारी है। EOU अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना है, जिससे इस रैकेट की जड़ों तक पहुंचा जा सके।







