
मुंगेर | …लो Bihar में हो गई Bird Flu की पुष्टि… | मुंगेर जिले के खड़गपुर अनुमंडल स्थित तेघड़ा गांव में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। गांव में कुछ मृत कौवे मिलने के बाद उनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिनमें बर्ड फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई। इस खबर के बाद स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग ने तुरंत आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए।
संक्रमण की पुष्टि और प्रशासन की सतर्कता
10 मार्च को तेघड़ा गांव में कई कौवे मृत पाए गए, जिसके बाद पशुपालन विभाग ने उनके सैंपल भोपाल लैब भेजे।
- Advertisement -🔥 आज की बड़ी खबर, आपने पढ़ा क्या?
‘सरकारी काम बिना ‘ खर्चा ‘ नहीं होता’… टेंडर घोटाले के आरोपी रिशुश्री का बड़ा कबूलनामा, SVU भी रह गई हैरान, जानिए 30 घंटे की पूछताछ में क्या क्या आया सामने?
दरभंगा की बेटी ने रचा इतिहास! पहले ही प्रयास में BPSC में 10वीं रैंक, जानें सफलता का राज
आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती? बढ़ रहा ‘साइलेंट हेल्थ खतरा’! बिहार में हर 7वां व्यक्ति विटामिन-D की कमी का शिकार, जानिए क्या है रिपोर्ट
समस्तीपुर रेल मंडल: 16 सांसदों ने रेलवे से की जनता के लिए ये बड़ी मांगें, जानें क्या मिला जवाब!जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद प्रशासन ने प्रभावित इलाके में सतर्कता अभियान तेज कर दिया।
- Advertisement -संक्रमण को रोकने के लिए इलाके में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
संक्रमण रोकने के लिए उठाए गए कदम
✅ बर्ड फ्लू एपिसेंटर घोषित क्षेत्र के 3 किमी के दायरे में सतर्कता बढ़ाई गई।
✅ पांच सदस्यीय टीम ने प्रभावित इलाकों में कीटनाशकों का छिड़काव किया।
✅ मृत कौओं को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट कर संक्रमण फैलने से रोका गया।
✅ 1 किमी के दायरे में स्थित पोल्ट्री फार्मों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
पोल्ट्री फार्म संचालकों को निर्देश
📌 फिलहाल चूजों को बाहर से लाने और पोल्ट्री उत्पादों के आयात-निर्यात से बचने की सलाह दी गई।
📌 पोल्ट्री का ब्लड सिरम जांच के लिए भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई, जिससे राहत की बात कही जा रही है।
आम जनता के लिए प्रशासन की अपील
🔹 चिकन और अंडे को अच्छी तरह पकाकर खाने से संक्रमण का खतरा नहीं रहता।
🔹 मृत पक्षियों को देखते ही तुरंत प्रशासन को सूचना दें।
🔹 अफवाहों पर ध्यान न दें और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
प्रशासन मुस्तैद, लगातार जारी निगरानी
प्रशासन की ओर से निगरानी और कीटनाशकों का छिड़काव लगातार जारी है। स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन की सक्रियता से संक्रमण कितनी जल्दी काबू में आता है।











