Bihar Electricity Connection: बिहार में अब नया बिजली कनेक्शन लेना महंगा हो गया है। राज्य में नई व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन के लिए पहले की तुलना में करीब डेढ़ गुना अधिक शुल्क चुकाना होगा। यह बदलाव सीधे तौर पर हजारों घरों के बजट पर असर डालेगा।

बिजली विभाग द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार, अब घरेलू उपभोक्ताओं को सिंगल फेज में एक किलोवाट बिजली कनेक्शन के लिए कुल 975 रुपये का भुगतान करना होगा। इसमें 900 रुपये मानक शुल्क और 75 रुपये आवेदन शुल्क शामिल है। पहले यही कनेक्शन सिर्फ 475 रुपये में मिलता था, जिसमें 400 रुपये कनेक्शन चार्ज और 75 रुपये आवेदन शुल्क लगता था।
150 किलोवाट तक फिजिकल जांच खत्म, पोल-तार मुफ्त
नया बिहार बिजली कनेक्शन महंगा होने के बावजूद उपभोक्ताओं को कुछ राहत भी मिली है। अब बिजली कनेक्शन के लिए लगने वाले पोल, तार और मजदूरी का कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह सभी चीजें मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा, बिजली विभाग ने 150 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए फिजिकल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को भी समाप्त कर दिया है। इससे कनेक्शन लेने की प्रक्रिया में तेजी आएगी और उपभोक्ताओं को बेवजह की भागदौड़ से मुक्ति मिलेगी।
पुराने और नए शुल्क में बड़ा अंतर
उपभोक्ताओं को अब एक किलोवाट कनेक्शन के लिए दोगुने से भी अधिक राशि खर्च करनी होगी। पहले जहां महज 475 रुपये में कनेक्शन मिल जाता था, वहीं अब इसके लिए 975 रुपये चुकाने होंगे। यह सीधे तौर पर 500 रुपये की बढ़ोतरी है। यह बदलाव खासकर नए घर बनाने वाले या बिजली कनेक्शन लेने वाले परिवारों के लिए एक अतिरिक्त आर्थिक बोझ लेकर आया है।
उपभोक्ताओं पर सीधा असर
बिजली कनेक्शन के शुल्क में हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। खासकर ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह एक बड़ी चुनौती हो सकती है। हालांकि, पोल और तार मुफ्त मिलने तथा फिजिकल जांच खत्म होने से प्रक्रिया सरल होगी, लेकिन बढ़ी हुई कीमत एक बड़ी चिंता का विषय है। विभाग का कहना है कि यह बदलाव बिजली वितरण प्रणाली को बेहतर बनाने और आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है।







