Supaul Hospital Violence: बिहार के सुपौल सदर अस्पताल में इलाज के दौरान एक मरीज के परिजनों और उनके साथ आए करीब 50 से 60 अज्ञात लोगों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ न सिर्फ दुर्व्यवहार किया गया, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, 18 वर्षीय पिंकी कुमारी को गंभीर हालत में सदर अस्पताल लाया गया था। चिकित्सक डॉ. पवन कुमार उनकी चिकित्सा कर रहे थे। इलाज के दौरान मरीज को दवा दी गई और आवश्यक जांच के लिए भेजा गया। इसी बीच, अचानक 50 से 60 अज्ञात लोग अस्पताल पहुंच गए और वहां बवाल काटना शुरू कर दिया।
डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को मिली जान से मारने की धमकी
अस्पताल में पहुंचे उपद्रवियों ने डॉ. पवन कुमार और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि इस दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। भीड़ ने अस्पताल परिसर में लगे उपकरणों और अन्य सामानों में भी तोड़फोड़ की, जिससे काफी नुकसान हुआ। इस घटना से अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मरीजों व अन्य स्टाफ में दहशत फैल गई।
थाना प्रभारी ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने शुरू की जांच, दोषियों पर होगी कार्रवाई
घटना की सूचना तत्काल सुपौल थाना प्रभारी और पुलिस उपाधीक्षक को दी गई। जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने पूरी स्थिति की जानकारी ली और अस्पताल प्रशासन से बातचीत की। इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर थाने में एक आवेदन भी दिया गया है। सुपौल थाना प्रभारी ने पुष्टि की है कि उन्हें आवेदन मिल गया है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता को फिर से उजागर किया है।








