Bihar Food Safety: सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री सुनिश्चित करने के लिए बिहार की राजधानी पटना में खाद्य संरक्षा विभाग ने बड़ा अभियान चलाया है। विभाग ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों पर सघन निरीक्षण और जांच की, जिसमें लगभग 10 लाख रुपये से अधिक की मिलावटी या मानकविहीन खाद्य सामग्री जब्त की गई। इस कार्रवाई में कई बड़े प्रतिष्ठानों पर नकेल कसी गई और लाइसेंस व स्वच्छता मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर कई दुकानों को बंद भी करवा दिया गया है।

पटना में श्याम घी भंडार से लाखों का माल जब्त, नूडल्स फैक्टरी भी लपेटी गई
खाद्य संरक्षा विभाग की टीम ने अगमकुआं स्थित श्याम घी भंडार पर बड़ी कार्रवाई की। यहां से भारी मात्रा में घी, मिल्क केक और अन्य खाद्य सामग्री जब्त की गई। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में भंडारण, स्वच्छता और आवश्यक दस्तावेजों से जुड़ी अनियमितताएं सामने आईं। विभाग ने नारियल पाउडर के 18 पैकेट (लगभग 18 किलोग्राम), 5 किलोग्राम खीरा शिड्स और 6 पैकेट हाइड्रो जब्त किए। इसके अतिरिक्त, 855 किलोग्राम घी और 5 बोरियों में रखे लगभग 174 किलोग्राम मिल्क केक का विवरण भी जब्त किया गया। जब्त की गई घी और मिल्क केक का संयुक्त मूल्य लगभग 5 लाख 99 हजार 400 रुपये आंका गया है। प्रतिष्ठान को लाइसेंस की कमी और अभिलेखों के अभाव के चलते बंद करवा दिया गया।
इसी क्रम में, भूपतिपुर, रामकृष्णा नगर स्थित रिंकू फूड्स प्राइवेट लिमिटेड का भी निरीक्षण किया गया। यहां कुल 5,550 किलोग्राम नूडल्स पर कार्रवाई हुई, जिनका अनुमानित मूल्य 2 लाख 22 हजार रुपये दर्ज किया गया है। नूडल्स की पैकेजिंग पर निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि और बैच नंबर संबंधी जानकारी में बड़ी अनियमितताएं मिलीं। साथ ही, प्रतिष्ठान में इस्तेमाल हो रहे आटे से संबंधित अभिलेखों और परिसर की संरचनात्मक स्थिति पर भी सवाल उठे। टीम ने नूडल्स और मैदा के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए और प्रतिष्ठान को सुधार के निर्देश दिए।
मिठाई दुकानों में गंदगी और एक्सपायरी दूध: दानापुर से फुलवारीशरीफ तक कार्रवाई
दानापुर कैंट के सदर बाजार स्थित साधु स्वीट्स एंड कन्फेक्शनरी की कार्यशाला में गंभीर स्वच्छता संबंधी अनियमितताएं उजागर हुईं। टीम ने यहां 40 किलोग्राम खोया (अनुमानित कीमत 12 हजार रुपये) और 2 किलोग्राम औद्योगिक उपयोग वाले हाइड्रो (कीमत 300 रुपये) को नष्ट कराया। नष्ट की गई सामग्री का कुल मूल्य 12 हजार 300 रुपये दर्ज किया गया। प्रतिष्ठान के अनुज्ञप्ति विवरण में खाद्य व्यवसाय की श्रेणी गलत पाई गई, निर्माण स्थल पर साफ-सफाई और प्रकाश की व्यवस्था अपर्याप्त थी, और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता में भी कमी मिली। भंडारगृह में खाद्य और अखाद्य सामग्री एक साथ रखी मिली, और कर्मचारियों की मेडिकल रिपोर्ट, पेस्ट कंट्रोल रिपोर्ट व जल परीक्षण रिपोर्ट का समुचित संधारण नहीं था। टीम ने बेसन लड्डू और काजू कतली के नमूने लिए और दो दिनों तक खाद्य पदार्थों का निर्माण बंद रखने का निर्देश दिया।
पटना के अनिसाबाद खगौल स्थित स्वीट्स एण्ड स्नैक्स प्रा.लि. पर भी विभागीय टीम ने कार्रवाई की। जांच में 6 किलोग्राम ड्राई अमचूर पाउडर (4800 रुपये), 4 किलोग्राम कस्टर्ड पाउडर (640 रुपये) और 450 ग्राम के 256 पैकेट चाउ नूडल्स (8,346 रुपये) जब्त किए गए। इसके अतिरिक्त, 20 किलोग्राम खोया (अनुमानित कीमत 6 हजार रुपये) नष्ट किया गया। मिठाई निर्माण क्षेत्र में मक्खियों की मौजूदगी, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, जल परीक्षण रिपोर्ट और पेस्ट कंट्रोल रिपोर्ट का अभाव जैसी कई अनियमितताएं सामने आईं। सात प्रकार की खाद्य सामग्री, जिनमें आमचूर पाउडर, कस्टर्ड पाउडर, चाउ नूडल्स, काजू बर्फी, बेसन से बनी मिठाई, स्वीट खोया और रसगुल्ला शामिल हैं, के नमूने संग्रहित किए गए।
फुलवारीशरीफ स्थित मां डेयरी प्रोडक्ट के निरीक्षण के दौरान 9 लीटर एक्सपायरी दूध मिला, जिसे नष्ट कराया गया। इसकी अनुमानित कीमत 540 रुपये थी। रसगुल्ले का नमूना भी संग्रहित किया गया। प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32 और अनुसूची-4 के अंतर्गत निर्धारित स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पाई गई।
लाइसेंस नहीं होने पर लॉरेन्स और विकास की मिठाई दुकान सील
भूपतिपुर स्थित लॉरेन्स स्वीट्स पर भी विभागीय टीम ने छापा मारा। यहां 600 किलोग्राम लड्डू दाना जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 75 हजार रुपये है। प्रतिष्ठान के पास लाइसेंस नहीं होने के कारण इसे बंद करा दिया गया। इसी तरह, भूपतिपुर स्थित विकास की मीठाई दुकान पर भी कार्रवाई हुई। टीम ने 525 किलोग्राम लड्डू दाना जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत 63 हजार रुपये है। लाइसेंस न होने के चलते इस दुकान को भी बंद करवा दिया गया।
खाद्य संरक्षा विभाग का कहना है कि “हमारा उद्देश्य उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा करना, असुरक्षित एवं मानकविहीन खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगाना तथा खाद्य कारोबारियों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराना है।”
खाद्य संरक्षा विभाग द्वारा संग्रहित नमूनों की प्रयोगशाला जांच के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगामी दिनों में भी खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच और निरीक्षण का अभियान जारी रहेगा, ताकि आम उपभोक्ताओं को हमेशा सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री मिल सके।







